Home देश खाद्य संकट (Food Crisis) की दहलीज़ पर दुनिया! एस. जयशंकर ने न्यूयार्क...

खाद्य संकट (Food Crisis) की दहलीज़ पर दुनिया! एस. जयशंकर ने न्यूयार्क से दी सबसे डरावनी चेतावनी

0

दुनिया पर मंडरा रहा है खाने-पीने का बड़ा संकट’: विदेश मंत्री एस. जयशंकर की वैश्विक समुदाय को सख्त चेतावनी

नई दिल्ली / न्यूयार्क:
दुनियाभर में जारी युद्ध और तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बेहद चिंताजनक चेतावनी दी है। न्यूयार्क में ‘एशिया सोसाइटी’ (Asia Society) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि आने वाले महीनों में दुनिया के सामने खाने-पीने की चीजों और खाद (Fertilizers) का एक भयंकर संकट खड़ा हो सकता है।

जयशंकर ने वैश्विक समुदाय को आगाह करते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सबसे बुरा असर विकासशील और गरीब देशों पर पड़ेगा।

संकट के पीछे विदेश मंत्री ने बताए ये 4 बड़े कारण:

  • सप्लाई चेन पर युद्ध की मार: यूक्रेन और मध्य पूर्व (Midil East) में जारी संघर्ष के कारण समुद्री व्यापारिक रास्ते बाधित हो गए हैं। ब्लैक सी (Black Sea) और खाड़ी देशों के रास्ते होने वाला अनाज का निर्यात लगातार ठप पड़ रहा है।
  • खाद (Fertilizer) की भारी किल्लत: रूस और मिडिल ईस्ट से होने वाली खाद की सप्लाई रुकने के कारण दुनियाभर के किसानों के सामने खेती का संकट खड़ा हो गया है। खाद नहीं मिलने से आने वाले समय में फसलों का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होगा।
  • मौसम का बदलता मिजाज (Super El Niño): जलवायु परिवर्तन और ‘सुपर अल नीनो’ जैसी चरम मौसमी घटनाओं ने दुनिया के कई हिस्सों में सूखे और बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, जिससे कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हो रहा है।
  • 4F का खतरनाक जाल: विदेश मंत्री ने इससे पहले संयुक्त राष्ट्र (UNGA) में भी 4F (Food, Fuel, Fertilizer, Finance) यानी भोजन, ईंधन, खाद और वित्तीय संकट का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि ईंधन और खाद महंगे होने से खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं।

‘ग्लोबल साउथ’ के लिए भारत बना आवाज

एस. जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा कि बड़े देशों के बीच चल रहे भू-राजनीतिक (Geopolitical) टकराव की कीमत उन विकासशील देशों (Global South) को चुकानी पड़ रही है, जिनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। भारत लगातार इस मंच से दुनिया को एकजुट होने और इस खाद्य संकट का समाधान निकालने की अपील कर रहा है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version