सागर जहरीली शराब कांड: मौतों का आंकड़ा 15 पहुंचा, 109 मरीज अस्पताल में भर्ती; लाइसेंसी ठेकेदारों समेत 26 पर FIR, 10 गिरफ्तार
सागर (मध्य प्रदेश)।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हाहाकार मचा हुआ है। इस भीषण त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि 109 से अधिक लोगों का अभी भी विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस संवेदनशील मामले में पुलिस और प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेते हुए सरकारी लाइसेंसी ठेकेदारों सहित 26 से अधिक लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की है, जिनमें से मुख्य आरोपियों सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
₹20-₹30 में बेचा जा रहा था ‘मौत का ब्रांड’
पुलिस और स्थानीय प्रशासन की शुरुआती जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शराब तस्कर ग्रामीण इलाकों में मात्र 20 रुपये में ‘बम्बईया व्हिस्की’ और 30 रुपये में ‘सागर गोल्ड’ नाम का ब्रांड बेच रहे थे। जब कुछ ग्रामीणों ने इतनी कम कीमत और स्वाद पर सवाल उठाया, तो आरोपियों ने इसे “नया फॉर्मूला” बताकर गुमराह किया। जांच के अनुसार, इस नकली शराब में अत्यधिक मात्रा में जानलेवा मिथाइल अल्कोहल मिलाया गया था। जहर का असर इतना तेज था कि अस्पताल पहुंचे कई मरीजों के शरीर पूरी तरह नीले पड़ चुके थे।
उत्तर प्रदेश से जुड़े तार, फर्जी QR कोड का खेल
इस पूरे अवैध कारोबार का कनेक्शन पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के ललितपुर से सामने आया है। तस्कर यूपी से यह जहरीली शराब लाकर स्थानीय स्तर पर खपा रहे थे। ग्रामीणों को झांसा देने और इसे असली साबित करने के लिए बोतलों पर बकायदा फर्जी क्यूआर (QR) कोड भी चिपकाए गए थे, ताकि लोगों को यह सरकारी दुकान की वैध शराब लगे।
सरकार का कड़ा एक्शन, 5 अधिकारी सस्पेंड
घटना के बाद मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। लापरवाही बरतने के आरोप में आबकारी विभाग (Excise Department) और पुलिस के 5 जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद अस्पताल पहुंचकर मरीजों की स्थिति का जायजा लिया।
घर-घर चल रही स्क्रीनिंग, फरार आरोपियों की तलाश तेज
सागर जिला अस्पताल, बंडा सिविल अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की टीमें प्रभावित गांवों में मुस्तैद हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग कर रही हैं ताकि जिन लोगों ने भी यह शराब पी है, उन्हें समय रहते इलाज दिया जा सके। पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर फरार चल रहे बाकी 16 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई थानों की पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
