SBI Data Leak: भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक, बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों से जुड़ी एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। एसबीआई के कुछ ग्राहकों का बेहद संवेदनशील और निजी डेटा डार्क वेब पर लीक होने की आशंका जताई गई है। बैंक ने खुद इस पूरे मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए शेयर बाजारों (BSE और NSE) को इसकी विस्तृत जानकारी सौंपी है।
3,800 से अधिक ग्राहक प्रभावित, डार्क वेब पर मिला डेटा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक को अपनी थ्रेट इंटेलिजेंस एजेंसी, डिफेंस साइबर एजेंसी और सरकारी साइबर सुरक्षा संस्था CERT-In की तरफ से डार्क वेब पर संदिग्ध डेटा होने का अलर्ट मिला था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि डार्क वेब पर मौजूद करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड्स में से 3,897 ग्राहकों की निजी और संवेदनशील जानकारियां (PII) उजागर हुई हैं।
लीक हुए डेटा में क्या-क्या शामिल है?
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, लीक हुए इस डेटा में ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, लिंग, ईमेल आईडी और उनके घर का पता शामिल है। इसके अलावा, ग्राहकों के लोन और लीड रिकॉर्ड से जुड़े कुछ तकनीकी मेटाडेटा के भी डार्क वेब पर पहुंचने की बात कही जा रही है।
बैंक ने शुरू की उच्च स्तरीय जांच, कोर बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित
इस घटना के सामने आते ही भारतीय स्टेट बैंक तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। बैंक ने साफ किया है कि वे साइबर सुरक्षा से जुड़े इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल करने के लिए CERT-In द्वारा मान्यता प्राप्त एक स्वतंत्र (Independent) साइबर सिक्योरिटी एजेंसी को नियुक्त किया गया है, जो इस पूरे डेटा लीक के सोर्स का पता लगा रही है।
राहत की बात यह है कि बैंक ने अपने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि इस घटना से एसबीआई के मुख्य कोर बैंकिंग ऑपरेशन्स (Core Banking Operations) या वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions) पर कोई असर नहीं पड़ा है। बैंक के सभी मुख्य सर्वर और पैसे के लेन-देन से जुड़े सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित हैं।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
भले ही बैंक का मुख्य सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स ने ग्राहकों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। ग्राहकों को अपने मोबाइल नंबर या ईमेल पर आने वाले किसी भी अज्ञात या संदिग्ध कॉल, मैसेज, ओटीपी (OTP) रिक्वेस्ट और फिशिंग लिंक्स से सावधान रहना चाहिए। बैंक कभी भी फोन पर आपकी निजी बैंकिंग जानकारी नहीं मांगता है।
