मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में आज (28 सितंबर 2026) चौतरफा बिकवाली के कारण भारी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के चलते प्रमुख सूचकांक NSE निफ्टी 50 मनोवैज्ञानिक स्तर 23,000 के नीचे फिसल गया है, जबकि BSE सेंसेक्स में करीब 950 से अधिक अंकों की बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
इस भारी गिरावट के कारण महज कुछ ही घंटों में निवेशकों की करीब ₹6 से ₹7 लाख करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई।
बाजार में बड़ी गिरावट की 4 मुख्य वजहें
- कच्चे तेल की कीमतों में उबाल: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के प्रस्ताव को खारिज करने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर $106 प्रति बैरल के पार चली गई है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मार्जिन के लिए बड़ा झटका है।
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी: अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार जैसे जोखिम वाले उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड में शिफ्ट कर रहे हैं।
- FII की आक्रामक बिकवाली: विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय इक्विटी मार्केट से लगातार भारी मात्रा में फंड बाहर निकाला जा रहा है। आज की बिकवाली ने रिलायंस, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे इंडेक्स हैवीवेट शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया।
- 📊 तकनीकी स्तरों का टूटना: दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक पिछले 7 हफ्तों से लगातार साप्ताहिक गिरावट दर्ज कर रहे थे। आज जैसे ही निफ्टी ने अपना महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल (23,000) तोड़ा, बाजार में पैनिक सेलिंग (घबराहट में बिकवाली) और तेज हो गई।
मार्केट स्नैपशॉट (दोपहर 01:55 बजे तक)
इंडेक्स मौजूदा स्तर गिरावट (अंक) गिरावट (%) BSE SENSEX 72,939.43 -956.31 -1.30% NSE NIFTY 50 22,836.70 -303.80 -1.31% NIFTY BANK 49,120.50 -710.20 -1.42%
सेक्टर का हाल: बैंकिंग और ऑटो पर सबसे ज्यादा मार
आज के कारोबार में प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑटो सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी बैंक करीब 1.4% से ज्यादा टूट चुका है। इसके विपरीत, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी के कारण आईटी (IT) और फार्मा (Pharma) सेक्टर के शेयरों में गिरावट तुलनात्मक रूप से बेहद कम रही है और उन्होंने बाजार को थोड़ा सहारा देने की कोशिश की है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें $100 के नीचे नहीं आतीं और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। खुदरा निवेशकों को इस गिरावट में घबराकर ऊंचे वैल्यूएशन वाले शेयरों में जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही धीरे-धीरे (SIP मोड में) निवेश करना चाहिए।
(Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।)
