वैश्विक स्तर पर छंटनी और आईटी (IT) बजट में कटौती के दौर के बीच भारतीय टेक सेक्टर से एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वैश्विक बाजार में अपना परचम लहराते हुए अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल दिग्गज ‘बेस्ट बाय’ (Best Buy) के साथ एक मेगा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है।
इस हाई-प्रोफाइल डील की रेस में टीसीएस ने अपनी सबसे बड़ी वैश्विक प्रतिद्वंदी कंपनी एक्सेंचर (Accenture) को पछाड़कर यह कामयाबी हासिल की है।
5 साल के लिए हुआ कॉन्ट्रैक्ट, बेंगलुरु सेंटर की कमान अब टाटा के हाथ
इंडस्ट्री के सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डील लगभग ₹2,000 करोड़ (करीब $240+ मिलियन) की आंकी जा रही है, जो अगले 5 वर्षों के लिए प्रभावी होगी। इस रणनीतिक साझेदारी के तहत टीसीएस अमेरिकी कंपनी बेस्ट बाय के बेंगलुरु स्थित 70,000 वर्ग फुट के आधुनिक ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ (GCC) के कामकाज और टेक ऑपरेशंस को संभालेगी।
शुरुआती दौर में इस रेस में दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) भी शामिल थी, लेकिन अंतिम चरण में मुकाबला टीसीएस और एक्सेंचर के बीच था। सूत्रों के अनुसार, टीसीएस ने अपनी आक्रामक प्राइसिंग रणनीति, बेहतर सर्विस-लेवल एग्रीमेंट्स (SLAs) और मजबूत प्रोडक्टिविटी वादों के दम पर एक्सेंचर को बैकफुट पर धकेल दिया।
केवल आईटी सपोर्ट नहीं, अब AI और डेटा पर होगा फोकस
यह डील भारतीय टेक बाजार के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ पारंपरिक बैक-ऑफिस या आईटी मेंटेनेंस तक सीमित नहीं है। टीसीएस अब बेस्ट बाय के लिए:
- एडवांस एनालिटिक्स (Advanced Analytics)
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्नोवेशन
- कोर डेटा आर्किटेक्चर
जैसे अत्याधुनिक डोमेन्स पर काम करेगी। इससे टीसीएस को सालाना लगभग $75 मिलियन से $100 मिलियन की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद है।
भारतीय आईटी सेक्टर के लिए ‘बूस्टर डोज’
विशेषज्ञों का मानना है कि टीसीएस की यह जीत साबित करती है कि वैश्विक मंदी के बाद भी बड़ी विदेशी कंपनियां भारत को केवल ‘सस्ते वर्कफोर्स’ के रूप में नहीं, बल्कि ‘डिजिटल और एआई इनोवेशन’ के मुख्य केंद्र के रूप में देख रही हैं। टीसीएस द्वारा हाल ही में शुरू की गई ‘ग्लोबल वैल्यू एंड इनोवेशन सेंटर्स’ (GVIC) रणनीति इस डील को क्रैक करने में सबसे बड़ी गेम-चेंजर साबित हुई है।
