नई दिल्ली*। ट्रेन में अक्सर यात्रा के दौरान हम देखते हैं कि लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने को लेकर यात्रियों के बीच कहासुनी हो जाती है।
कई लोग मानते हैं कि जिस यात्री की लोअर बर्थ (निचली सीट) है, उस सीट के नीचे की पूरी जगह पर सिर्फ उसी का अधिकार है।
हालांकि यह सोच पूरी तरह से गलत है। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर ट्रेन की लोअर सीट के नीचे सामान रखने को लेकर क्या कुछ कहता है रेलवे का नियम?
*सीट आपकी, लेकिन जगह पर सबका हक*
रेलवे के नियमों के मुताबिक, आपकी टिकट पर भले ही लोअर बर्थ पर आपका नाम लिखा हो लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि उसके नीचे का स्पेस केवल आपका है।
यह पूरा स्थान उस कूपे या केबिन में यात्रा कर रहे मिडिल और अपर बर्थ के यात्रियों का भी है जो अपना सामान लोअर बर्थ के नीचे रख सकते हैं।
क्या कहता है रेलवे का नियम?
लोअर बर्थ यात्री: अपनी बर्थ के नीचे के हिस्से में सामान रख सकते हैं।
*मिडिल बर्थ यात्री*: लोअर बर्थ के नीचे तय स्थान पर अपना बैग रख सकते हैं।
*अपर बर्थ यात्री*: इन्हें भी लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने की पूरी अनुमति है।
