जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक दीप्ति सिंह का पुतला फूंका, राज्यपाल को ज्ञापन भेजा
अर्जुन धारीवाल
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं और नियम विरुद्ध नियुक्तियों के विरोध में आज जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी के नेतृत्व में होटल द्रोण चौक, देहरादून में विभाग की निदेशक श्रीमती दीप्ति सिंह का पुतला दहन किया।
इस अवसर पर पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन के जांच के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निदेशक द्वारा कार्रवाई करने के बजाय नियमों की अनदेखी कर मनमर्जी से फैसले लिए जा रहे हैं।
पुतला दहन के मुख्य कारण:
1. सबसे कनिष्ठ और आरोपी सहायक अधिकारी श्री भगवती प्रसाद त्रिवेदी को, जिन पर आयोग में 16 बिंदुओं की शिकायत और कर्मचारी मोहसिन की मृत्यु का मामला लंबित है, नियम विरुद्ध देहरादून का जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और अल्पसंख्यक आयोग का सचिव बना दिया गया।
2. प्रतिनियुक्ति पर तैनात मुख्य फार्मेसी अधिकारी श्री बरकत अली को नियम विरुद्ध एक साथ 5 स्थानों – देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और निदेशालय का DDO बना दिया गया, जबकि नियमतः एक व्यक्ति दो से अधिक स्थानों का DDO नहीं हो सकता।
3. इस संबंध में पूर्व में विभागीय सचिव/निदेशक और मुख्य सचिव को 24 बिंदुओं की विस्तृत शिकायत तथ्यों और दस्तावेजों सहित दी गई थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुतला दहन के उपरांत पार्टी कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट, देहरादून के माध्यम से माननीय राज्यपाल महोदय को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की गई है कि संलग्न 24 बिंदुओं की शिकायत की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, मुख्य सचिव के निर्देशों की अवहेलना की जांच हो और निदेशक श्रीमती दीप्ति सिंह तथा उनके द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से पदस्थापित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी इस भ्रष्टाचार को लेकर उग्र आंदोलन करेगी।
इस दौरान पार्टी के महानगर अध्यक्ष सोनू, महानगर महासचिव आस मोहम्मद, इकरार, आरिफ, कामरान, रोहित, मोनू राव, अब्दुल रहमान, मुनव्वर, रिहान, विशाल, समध, सोनू, तोहिद, सलमान, फूलहसन, अफजाल, नासिर, मो. अली, नफीस, आबिद, सलीम समेत कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
