दक्षिण भारतीय अभिनेता थलपति विजय और तृषा की हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म या सार्वजनिक कार्यक्रम के संदर्भ में बने ‘सैल्यूट’ वाले दृश्य/तस्वीर को लेकर तमिलनाडु की राजनीति का माहौल बेहद गरमा गया है। द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा हमला बोला है और कहा है कि इस तरह की “बेहूदगी” को किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता।
तमिलनाडु में राजनीतिक बयानबाजी और बहस का यह दौर तब और तेज हो गया है जब से विजय ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है और अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) का गठन किया है।
DMK का कड़ा प्रहार: सत्तारूढ़ दल DMK के प्रवक्ताओं और नेताओं ने विजय व तृषा से जुड़े ‘सैल्यूट’ प्रकरण पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि सार्वजनिक जीवन और राजनीति में मर्यादा बनी रहनी चाहिए और इस प्रकार के आचरण को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
विपक्ष और समर्थकों के तर्क: विजय के प्रशंसकों और उनकी पार्टी के समर्थकों का कहना है कि इस विषय को बेवजह तूल दिया जा रहा है और यह केवल एक सामान्य सिनेमाई या सार्वजनिक अभिव्यक्ति थी, जिसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
सिनेमा बनाम राजनीति: सिनेमा से राजनीति के सफर में यह पहला मौका नहीं है जब किसी अभिनेता के बयान या हाव-भाव पर विवाद हुआ हो। हालांकि, विजय की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के कारण अब उनका हर कदम सीधे तौर पर मुख्यधारा की राजनीति से जुड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे राज्य में आगामी चुनाव नजदीक आ रहे हैं, DMK और विजय की टीवीके के बीच इस तरह के जुबानी तीर और टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं।
