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एमपी में घर बैठे बन जाएंगे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

एमपी में घर बैठे बन जाएंगे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

(मध्यप्रदेश में अब लोग घर बैठकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे। जिससे की लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने में आसानी होगी)

भोपाल मध्यप्रदेश में साल 2024 की आखिरी कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। जहां लोग अब घर बैठे खुद ही ऑनलाइन जन्म और मृत्यु प्रमाण बनवा सकेंगे। इसके लिए अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। साथ ही अगर गलत जानकारी पाई गई तो उसके लिए सजा का अलग से प्रावधान है।
मध्यप्रदेश में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम 2023 की शुरुआत या उसके बाद जन्म लेने वाले व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को प्रमाणित करने के लिए लिए जन्म प्रमाण पत्र मददगार है। किसी के जन्म या मृत्यु की सूचना 30 बाद या एक साल के अंदर दी जाती है, तो इस स्थिति में शपथ पत्र की बजाय नोटरी या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत किसी दूसरे अधिकारी के सामने स्व-अनुप्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है।

पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी

कैबिनेट बैठक में पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना के तहत परियोजना की कुल लागत 28,798 करोड़ 02 लाख रुपये और सिंचाई क्षेत्र 4 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर का प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। इससे गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इन्दौर, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर और राजगढ़ में 4.73 लाख हेक्टेयर नया सिंचाई क्षेत्र मिलेगा। इसके अलावा चम्बल की दाईं मुख्य नहर प्रणाली के सुधार से भिण्ड, मुरैना और श्योपुर के 1205 गांवों में 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

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