Explore the website

Looking for something?

Thursday, April 16, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

474 अंक लाकर सुमित...

शहपुरा - माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 2026 में शहपुरा...

नगर परिषद् सभा कक्ष...

सोमवार को नगर परिषद् शहपुरा के सभा कक्ष में आयोजित नव नियुक्त मनोनीत...

एनएच-45 सड़क दुर्घटना :...

डिंडोरी जिले के बजाग तहसील अंतर्गत गाड़ासरई थाना क्षेत्र के किकरा तालाब गांव...

जिले में गेहूं उपार्जन...

डिंडोरी, 10 अप्रैल 2026 — जिले में आगामी 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ...
Homeमध्य प्रदेशनारी के सम्मान में समूह की बहनों ने अनेकों फलदायक पेड़लगाय बड़गांव...

नारी के सम्मान में समूह की बहनों ने अनेकों फलदायक पेड़लगाय बड़गांव मे

स्वा समूह द्वारा लगाए गए पेड़
नारी के सम्मान में समूह की बहनों ने अनेकों फलदायक पेड़लगाय बड़गांव मे*

ब्यूरो रिपोर्टर सतेंद्र जैन

बड़ागांव ग्राम पंचायत कार्यालय के सभा कक्ष में समूह की अनेक विषयों पर वार्ता हुई रीठी से राजेश पांडे की उपस्थिति में एक पेड़ मां के नाम योजना के तहत पेड़ लगाए गए नारी के सम्मान में आने को पेड़ लगाए गए राजेश पांडे ने कहा नारी के सम्मान में” एक वाक्यांश है जिसका अर्थ है महिलाओं के प्रति आदर और सम्मान। इसका अर्थ केवल महिलाओं को सम्मान देना ही नहीं, बल्कि उनके अधिकारों, योगदान और शक्ति को पहचानना भी है। यह विचार भारतीय संस्कृति में गहरा है, जहां महिलाओं को देवी के समान पूजनीय माना जाता है, और इसके महत्व को दर्शाने के लिए कई पुरस्कार और अभियान भी चलाए जाते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है नारी का सम्मान?
मानवता का आधार: नारी सृष्टि और मानवता की आधारशिला है। उनका सम्मान करना मानवता का सम्मान है।
सभ्यता और संस्कृति: महिलाएँ संस्कृति और सभ्यता का मूल शक्ति हैं और भावी पीढ़ियों को आकार देती हैं।
सामाजिक उत्थान: स्वस्थ नारी एक मजबूत समाज और सशक्त भारत की नींव है।
संस्कृति में नारी का स्थान:
देवताओं का निवास: संस्कृत के श्लोक “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता” के अनुसार, जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं।
विभिन्न रूप: नारी को माँ, बहन, पत्नी, बेटी और देवी के रूपों में देखा और पूजा जाता है।
नारी सम्मान के लिए किए गए प्रयास:
नारी शक्ति पुरस्कार: यह भारत सरकार द्वारा व्यक्तिगत महिलाओं और संस्थाओं को दिया जाने वाला एक राष्ट्रीय सम्मान है।
राष्ट्रीय अभियान: महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए कई राष्ट्रीय अभियान चलाए जाते हैं।
सरकारी योजनाएं: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राज्यों में सरकारी योजनाएं भी शुरू की गई हैं।
निष्कर्ष:
नारी का सम्मान समाज के उत्थान और विकास के लिए आवश्यक है। यह केवल एक सामाजिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उन्नति का भी मार्ग है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version