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अधिकारियों की लापरवाही से महाकुंभ में हादसा’, बाबा बागेश्वर ने साधा निशाना, कहा- सेना लगा देते तो बेहतर होता

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लोकेश शर्मा

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर धाम छतरपुर में कैंसर अस्पताल बनवाने जा रहे है. अस्पताल के भूमि पूजन के लिए 23 फरवरी को स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बागेश्वर धाम पहुंचेंगे. वहीं 26 फरवरी को कन्या विवाह कार्यक्रम में स्वयं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होने के लिए पहुंच रही है. इन कार्यकर्मों से पहले बागेश्वर धाम के पीठाधिरश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमारे सहज निमंत्रण को पीएम मोदी ने स्वीकार किया. हमारा हृदय बहुत गदगद है , बहुत धन्य भाग है.

यही हम लोगों को बताना चाहते है कि जो हनुमान जी ने काम किया कि “लाय सजीवन लखन जियाये, श्रीरघुबीर हरषि उर लाये” संजीवनी बूटी को लाकर के हनुमान जी ने पूरे विश्व को ये संदेश दिया कि पहले दवा के पास जाइए और फिर दरबार में आइए. इसलिए हमने दोनों को जोड़ा है. हम पूरे देश को संदेश देना चाहते है कि हम मंदिर में अस्पताल बनाएंगे. मंदिर में आने वाले चढ़ावा से गरीबों का इलाज होगा.

कैंसर का अस्पताल ही क्यों?

हमारा बुंदेलखंड इलाका बहुत पिछड़ा है. यहां ट्राइबल ज्यादा हैं. बहुत साधारण लोगों का इलाका हैं. यहां माउथ कैंसर और माताओं में ब्रेस्ट कैंसर बहुत पाया जाता है. उसकी संख्या धाम पर सबसे ज्यादा है. हम पूछते है कि यहां क्यों आए तो वो कहते हैं आप भभूति बांटते हैं. कहते है हम बंबई नहीं जा सकते. हमने तय किया की हम कथा करेंगे जो भी चढ़ावा आएगा उससे सेवा करेंगे, इलाज करेंगे. यहां रिसर्च सेंटर बनेगा. आंखों का सबसे अच्छा इलाज होगा. इस देश में मंदिर बहुत बने हैं. करोड़ों मंदिर बने हैं, लोग ताना बहुत देते हैं. हम उन लोगों के मुंह पर तमाचा मारना चाहते हैं कि इस देश में सिर्फ मंदिर नहीं बनाए जाते बल्कि एक धाम ऐसा भी है, जहां मंदिर के साथ अस्पताल भी बनाए जाते हैं.

‘PM ने हमारा निमंत्रण स्वीकार किया’

अगर पूरी दुनिया आज किसी को विश्व मित्र की भूमिका में देख रही है तो पीएम मोदी को देख रही है. हमारी तो उन्हें बुला पाने की क्षमता ही नहीं है. यहां तक की उन तक पहुंच पाने की. हमारे सहज निमंत्रण को पीएम ने स्वीकार किया. हमारा हृदय बहुत गदगद है, बहुत धन्य भाग है. 100 बेड का अस्पताल होगा जो 2027 तक बनेगा. देश की बड़ी-बड़ी समिति भी देखेंगी.

कन्या विवाह कार्यक्रम के बारे में पूछे जाने पर बागेश्वर बाबा ने कहा कि कुछ निराश्रित बहने हैं. 251 में से 108 आदिवासी बहनें हैं. मंदिरों के दान से अगर हिंदुओं की ही बेटियों की शादी की जाए तो सनातन मजबूत होगा. हर दूल्हे को हम घोड़े पर बैठायेंगे. वहीं उन्होंने महाकुंभ पर बोलते हुए कहा कि कुछ अधिकारियों ने लापरवाही की है. पूरा महाकुंभ सेना के हवाले सौंप दिया जाता तो बेहतर होता. अनुमान से ज्यादा भीड़ पहुंची.

मोक्ष वाले बयान पर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?

मोक्ष वाले बयान को लेकर बागेश्वर बाबा ने कहा कि शंकराचार्य जी सर्वोच्च हैं. उन पर टिप्पणी नहीं कर सकते. उनकी वाणी हमारे लिए आशीर्वाद है. एक घंटे के वीडियो का आप एक मिनट में अर्थ नहीं निकाल सकते. कोई घटना हो गई तो हम क्या कहते की ठीक मर गए. ऐसा भी नहीं कह सकते थे. कुछ ना कुछ तो सांत्वना देनी थी. गांव के किसी आदमी की मृत्यु हो जाती है तो हम यही कहते हैं की भगवान की इच्छा थीं. सब बिखर गया था, रोते हुए बच्चे, हमारा मन दुखी था. ऑन कैमरा नहीं, मगर ऑफ कैमरा हमने किस किस को क्या-क्या नहीं सुनाया. लोगों ने अर्थ का अनर्थ निकाला. मोक्ष तो कर्म करने से मिलता है, मरने से मोक्ष नहीं मिलता. गलत समय पर कही गई सही बात भी गलत हो जाती हैं. हमारा भाव ऐसा नहीं था, हमें खेद है.

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