Monday, March 2, 2026

TOP NEWS

थाना गाडासरई पुलिस की...

दिनांक 24/02/2026 की प्रातः थाना गाडासरई पुलिस को ग्राम बघरेली–धनौली के मध्य सड़क...

डिंडोरी जिले के शहपुरा...

जिसने समूचे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अज्ञात...

इंदौर : सुरों से...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) इंदौर की सिंगिंग कॉप सोनाली सोनी ने पेश की...

भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े, इंदौर...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) भाजपा युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने...
HomeUncategorizedअयोध्या महोत्सव 2026: “काव्य श्री प्रतियोगिता – कवि महासंग्राम” में लखीमपुर की...

अयोध्या महोत्सव 2026: “काव्य श्री प्रतियोगिता – कवि महासंग्राम” में लखीमपुर की कृति श्रीवास्तव ने हासिल किया द्वितीय स्थान

प्रेस विज्ञप्ति
अयोध्या महोत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित “काव्य श्री प्रतियोगिता – कवि महासंग्राम” में देश के विभिन्न स्थानों से काव्य पाठ करने आए 400 प्रतिभागियों में कृति श्रीवास्तव जी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया
अयोध्या की पावन, पुण्यसलिला एवं सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत धरती पर आयोजित अयोध्या महोत्सव 2026 के अंतर्गत
नवांकुर अंजलि साहित्यिक आस्था परिवार, अयोध्याधाम के तत्वावधान में आयोजित
“काव्य श्री प्रतियोगिता – कवि महासंग्राम” का सफल एवं भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
इस प्रतिष्ठित काव्य प्रतियोगिता में
कठोर, निष्पक्ष एवं बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के उपरांत
लखीमपुर खीरी की कृति श्रीवास्तव ने अपनी सशक्त, संवेदनशील एवं साहित्यिक दृष्टि से परिपूर्ण काव्य प्रस्तुति के माध्यम से
द्वितीय स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में
आदरणीय शिवकांत मिश्र जी (गोंडा),
आदरणीय कृष्ण द्विवेदी जी (अयोध्या),
आदरणीय स्वयं श्रीवास्तव जी (उन्नाव),
आदरणीय ज्ञान प्रकाश आकुल जी (लखीमपुर)
एवं आदरणीय इंद्रजीत सिंह अवक जी (अमेठी)
जैसे प्रतिष्ठित साहित्यकार सम्मिलित रहे, जिनके विद्वतापूर्ण एवं निष्पक्ष मूल्यांकन ने प्रतियोगिता की गरिमा को और ऊँचाई प्रदान की।
संस्था के
संस्थापक – आदरणीय श्री दुर्गेश पाण्डेय ‘दुर्गम’ जी,
संगठन महासचिव – आदरणीय श्री अरुणधर द्विवेदी जी,
तथा अध्यक्ष – आदरणीय श्री हरिश श्रीवास्तव जी
के कुशल मार्गदर्शन, दूरदृष्टि एवं साहित्यिक प्रतिबद्धता से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित रहा।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कृति श्रीवास्तव ने कहा कि
यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि आराध्य राम जी , माता रानी,
परिवार, गुरुजनों, आयोजकों, निर्णायक मंडल एवं
विशेष रूप से उनके पिता जी के निरंतर सहयोग, विश्वास और प्रेरणा का परिणाम है,
जिन्होंने कठिन समय में उन्हें हिम्मत दी और हर क्षण साथ खड़े रहे।
अयोध्या महोत्सव के इस साहित्यिक आयोजन ने
नवोदित एवं स्थापित कवियों को एक सशक्त मंच प्रदान करते हुए
भारतीय काव्य परंपरा को नई ऊर्जा एवं दिशा देने का कार्य किया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments