Explore the website

Looking for something?

Saturday, August 30, 2025

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

MP News: स्मार्ट मीटर...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) एनटीवी टाइम न्यूज/भोपाल: मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर से...

Indore में खुलेआम लगा...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/इंदौर में एक बवाल पोस्टर से...

पीथमपुर : पुलिस थाना...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) एनटीवी टाइम न्यूज पीथमपुर/औद्योगिक नगरी पीथमपुर में पुलिस...

ठेकेदार और अफसरों पर...

शहपुरा नगर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब राजनीति गरमा गई...
Homeमध्य प्रदेशइंदौर : स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी से काम नहीं चलेगा, इंदौर में...

इंदौर : स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी से काम नहीं चलेगा, इंदौर में शेल्टर होम तैयार

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )

इंदौर में भी डॉग बाइट के आंकड़े चिंताजनक. इंदौर नगर निगम भी जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा.

एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली की सरकार को आदेश दिया गया है कि स्ट्रीट डॉग्स को शेल्टर होम भेजें. इस आदेश के बाद कई संगठन शेल्टर होम भेजे जाने का विरोध भी कर रहे हैं. इस बीच देश के सबसे स्वच्छ शहर की सड़कों को स्ट्रीट डॉग्स से मुक्त करने के लिए इंदौर नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन केस में इंटर विनर याचिका प्रस्तुत करने का फैसला किया है.

इंदौर भी डॉग बाइट की घटनाओं से जूझ रहा

दरअसल, दिल्ली-एनसीआर की तरह ही देश के कई अन्य शहर भी स्ट्रीट डॉग्स के आतंक से चिंतित हैं. इंदौर भी डॉग बाइट की घटनाओं से जूझ रहा है. इंदौर स्थिति यह है कि सालभर में करीब 50 हजार लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं. डॉग बाइट के केस हर महीने करीब 4500 हजार है. हालांकि डॉग्स की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए नगर निगम ने नसबंदी अभियान चला रखा है, लेकिन सीमित संख्या में डॉगी की नसबंदी हो पाती है. इसके बावजूद हर साल दोगनी संख्या में डॉग्स सड़कों पर आ जाते हैं.

इंदौर में भी डॉग्स के लिए शेल्टर होम

महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है “सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश केवल दिल्ली-एनसीआर के लिए है. इंदौर नगर निगम सुप्रीम कोर्ट में इंटरवेंशन एप्लिकेशन दायर करेगा. इंदौर की स्थिति भी न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया जाएगा कि इंदौर जैसे बड़े शहरों के लिए भी ऐसे ही दिशा-निर्देश जारी किए जाएं. इसके लिए नगर निगम शेल्टर हाउस बनाकर वहां डॉग्स को शिफ्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है.”

इंदौर में डॉग बाइट के मामले इसलिए बढ़े

दरअसल, इंदौर में डॉग्स द्वारा आम लोगों को काटने के मामले इसलिए भी अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा है क्योंकि यहां सार्वजनिक स्थानों पर भोजन सामग्री अथवा कचरा डालना प्रतिबंधित है. ऐसी स्थिति में डॉग्स को आहार मिल पाना आमतौर पर मुश्किल रहता है, यही स्थिति अन्य मांसाहारी पक्षियों और पशुओं के साथ है. कई बार इस स्थिति में डॉग्स ज्यादा उग्र होने के कारण लोगों पर हमले कर देते हैं. इंदौर में हाल ही में एक बच्चे पर डॉगी के झुंड ने ऐसी ही स्थिति में हमला कर दिया था, जबकि परीक्षा देने जा रही एक छात्रा को घायल कर दिया था.

30 हजार डॉग्स की नसबंदी बड़ी चुनौती

दरअसल, इंदौर में प्रतिदिन 600 से 800 लोगों को प्रतिदिन डॉगी के काटने के चलते बीते दिनों इंदौर जिला प्रशासन ने इनकी नसबंदी का अभियान चलाने के निर्देश दिए. इसमें नगर निगम के अलावा स्वयंसेवी संगठन ओर पशुपालन विभाग की टीम को मैदान में उतारा था, जो प्रतिदिन शहर में 25 से 30 नसबंदी कर पा रही है. हालांकि जिला प्रशासन ने 175 नसबंदी प्रतिदिन का टारगेट तय किया है, लेकिन नगर निगम की टीम इतनी संख्या में डॉग्स को पकड़ पाने की स्थिति में भी नहीं है.

डॉग बाइट के मामले में इंदौर प्रदेश में तीसरे नंबर पर

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में डॉग द्वारा काटने की घटनाओं को लेकर हाल ही में नेशनल हेल्थ मिशन की एक रिपोर्ट आई है. इसके अनुसार भोपाल डॉग बाइट्स के मामले में 6वें नंबर पर है. वहीं अन्य 5 जिलों में भोपाल से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए है. नेशनल हेल्थ मिशन ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 6 शहरों में सर्वे किया था. इस सर्वे में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम शहर शामिल थे. डॉग बाइट्स के मामले में प्रदेश में इंदौर की तीसरी रैंक है, जबकि टॉप पर रतलाम है दूसरे नंबर पर उज्जैन का नंबर है. ग्वाालियर चौथे नंबर पर है.

नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version