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इंदौर BJP में हंगामा, नगर अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन, पुतले फूंके और कालिख पोती

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )

इंदौर में भारतीय जनता पार्टी के भीतर बगावत खुलकर सामने आ गई है. शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के खिलाफ मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और खाती समाज के सदस्यों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/भारतीय जनता पार्टी के इंदौर शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के खिलाफ मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ. नई नगर कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शन किया, पोस्टर फाड़े और मिश्रा के नेमप्लेट पर कालिख पोती. विरोध तब भड़का जब पार्टी ने एक हिस्ट्रीशीटर की पत्नी स्वाति काशिद को पदाधिकारी बनाया. खाती समाज के लोगों ने भी भाजपा कार्यालय के बाहर पुतला जलाया. प्रदर्शन के बाद 28 से अधिक भाजपा पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया. नगर अध्यक्ष मिश्रा ने विरोध को कांग्रेस समर्थित षड्यंत्र बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी का प्रमाण कहा.

विवाद उस समय भड़का जब नगर भाजपा की नई कार्यकारिणी में एक हिस्ट्रीशीटर की पत्नी को पदाधिकारी बनाया गया. विरोध करने वालों ने आरोप लगाया कि पार्टी ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की पत्नी को पद देकर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है. राऊ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय पर धावा बोल दिया. उन्होंने नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के पोस्टर फाड़ दिए और केबिन के बाहर लगी नेमप्लेट पर कालिख पोत दी. सड़कों पर मिश्रा का पुतला जलाया गया. हंगामे के बाद भाजयुमो, आईटी सेल और अन्य इकाइयों के करीब 28 पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया.

खाती समाज के नेताओं ने काटा बवाल, स्‍वाति काशिद को मंत्री बनाने का किया विरोध

खाती समाज के प्रतिनिधियों ने भी कार्यालय के बाहर काले बैनर लगाए और नारेबाजी की. समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन चौधरी ने कहा कि भाजपा लगातार उनके नेताओं की उपेक्षा कर रही है, जबकि समाज ने हमेशा पार्टी का समर्थन किया है. विवाद का केंद्र बनीं स्वाति काशिद को मंत्री बनाया गया है. उनके पति युवराज काशिद उर्फ युवराज उस्ताद के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. 2022 में निगम चुनाव के दौरान भाजपा ने युवराज की पृष्ठभूमि को देखते हुए स्वाति का टिकट महज 16 घंटे में वापस ले लिया था.

नगर अध्‍यक्ष ने किया पलटवार, भाजपा का लेना-देना नहीं, सभी संतुष्‍ट हैं

नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने इस उपद्रव को कांग्रेस समर्थित लोगों की साजिश बताया. उन्होंने कहा, “जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं. विरोध करने वाले जीतू पटवारी के लोग हैं. हमने संतुलित कार्यकारिणी बनाई है, सभी संतुष्ट हैं.” कांग्रेस ने इस विवाद को तुरंत सोशल मीडिया पर उछाल दिया. कांग्रेस मीडिया विभाग के समन्वयक अभिनव बारोलिया ने पोस्ट करते हुए लिखा, “देखिए भाजपा का हाल. न संगठन संभल रहा, न सत्ता. झूठे वादों की पार्टी अब अपने ही कार्यकर्ताओं के निशाने पर है.” नई 33 सदस्यीय कार्यकारिणी में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला और गोलू शुक्ला के समर्थकों को प्राथमिकता दी गई है. छह महिलाओं को भी जिम्मेदारी दी गई है. लेकिन यह विवाद भाजपा में बढ़ती गुटबाजी और नाराजगी को उजागर कर गया है.

नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।

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