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कृषि उत्पादन से जुड़े विभागीय कार्यों की कलेक्टर ने की समीक्षा

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सहकारिता, मत्स्य, उद्यानिकी, कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आपसी समन्वय पर जोर*

*डिंडौरी, 28 अक्टूबर 2026*

      कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि उत्पादन से संबंधित विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता, मत्स्य, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभागीय योजनाओं, लक्ष्यों और प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रभावी क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
*सहकारिता विभाग की समीक्षा में ऋण वितरण और केसीसी पर चर्चा*
      सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान जिला सहकारी बैंकों की स्थिति, अल्पावधि फसल ऋण वितरण, नवीन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लक्ष्य एवं उपलब्धि, वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषकों से ऋण मांग एवं वसूली तथा कवच योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली गई। इसके साथ ही पैक्स सदस्यता अभियान, सहकारिता के माध्यम से दुग्ध समितियों के सहकारी बैंकों में खाते खुलवाने, फसल ऋणमान निर्धारित करने के लिए जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक, फसल ऋण प्रक्रिया के सरलीकरण तथा नवीन केसीसी की ऑनलाइन स्वीकृति के संबंध में चर्चा की गई।
*मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और नई योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा*
      मत्स्य विभाग की समीक्षा में मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के अंतर्गत केज एक्वाकल्चर की प्रगति, बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज, भूमि आवंटन नियम-2026 तथा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना एवं निर्माण की जानकारी ली गई। इसके अलावा मत्स्य बीज उत्पादन और मत्स्य उत्पादन के लक्ष्य एवं उपलब्धि तथा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना की प्रगति पर चर्चा की गई।
*उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि गतिविधियों की समीक्षा*
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में उद्यानिकी फसलों की स्थिति, सकल मूल्य संवर्धन में उनके योगदान, क्लस्टर आधारित उद्यानिकी, प्रेशराइज्ड इरिगेशन सिस्टम, फसलोत्तर प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, नवीन परियोजनाओं तथा विभागीय सफलता की कहानियों की जानकारी ली गई। कृषि विभाग की समीक्षा में खरीफ वर्ष 2026 की प्रगति और रबी वर्ष 2026-27 की तैयारियों का आकलन किया गया।
*पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर जोर*
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा में पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार, पशु उपचार, कृत्रिम गर्भाधान, सॉर्टेड सेक्स सीमन के उपयोग एवं उत्पादन, कृत्रिम गर्भाधान कार्य के लिए सघन प्रशिक्षण, बधियाकरण तथा उन्नत नस्ल के पशुओं का आच्छादन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही पशुपालकों को पशुपोषण के प्रति जागरूक करने, राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत साइलेज इकाइयों की स्थापना, पशुपालन अधोसंरचना विकास निधि के तहत नवीन पशुआहार संयंत्रों की स्थापना, पशु रोग अन्वेषण, टीकाकरण एवं पशु बीमा की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक का उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना, कृषकों एवं पशुपालकों को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना रहा।

रिपोर्ट लीलाराम साहू डिंडोरी

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