निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता, बिना काम कराए राशि आहरित करने का आरोप
शहपुरा – जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवगांव माल एक बार फिर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है। ग्रामवासियों ने सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक पर विभिन्न निर्माण कार्यों में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर लाखों रुपये की शासकीय राशि के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों और कलेक्टर डिंडोरी को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में 14वें वित्त, 15वें वित्त, लाइट अनटाइड, पंचायत मद एवं मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत कई निर्माण कार्यों में भारी गड़बड़ी की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन कराए गए, जबकि कुछ कार्य केवल कागजों तक सीमित रहे और मौके पर कोई निर्माण नहीं हुआ।
*मशीनों से कराया काम, मजदूरी के नाम पर निकाली राशि*
शिकायत के अनुसार पानी टंकी के पास बनाए गए सीसी रोड निर्माण कार्य में मजदूरों के स्थान पर मशीनों का उपयोग किया गया, लेकिन दस्तावेजों में मजदूरी कार्य दर्शाकर अधिक राशि निकाली गई। आरोप है कि वास्तविक लागत से कहीं ज्यादा भुगतान कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया।
*पुलिया निर्माण में फर्जीवाड़े का आरोप*
ग्रामीणों ने किरसिहा नाला, सरवानी नाला और स्कूल के पास पुलिया निर्माण कार्यों में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक विभिन्न वर्क आईडी के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर पुलिया निर्माण कार्य नहीं मिला। कुछ स्थानों पर केवल प्रारंभिक कार्य या प्लास्टर कर निर्माण दिखाकर राशि आहरित कर ली गई।
*कचरा घर और रंगमंच भी कागजों में सीमित*
शिकायत में यह भी कहा गया है कि देवगांव स्कूल के पास दो कचरा घर बनाए जाने के नाम पर राशि निकाली गई, जबकि जमीन पर कोई निर्माण नहीं हुआ। इसके अलावा मिट्ठू आश्रम में रंगमंच निर्माण, सार्वजनिक तालाब में सीढ़ी निर्माण और अन्य विकास कार्यों में भी भ्रष्टाचार और फर्जी बिल लगाने के आरोप लगाए गए हैं।
*शासकीय भूमि पर अवैध खुदाई का आरोप*
ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर जेसीबी मशीन से शासकीय भूमि की खुदाई कर निजी उपयोग में लेने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत में लंबे समय से फर्जी स्वीकृतियों और बिल-वाउचर के जरिए शासकीय राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे गांव का विकास प्रभावित हो रहा है।
*जांच और कार्रवाई की मांग*
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत में हुए सभी निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए तथा गबन की गई शासकीय राशि की वसूली की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।



