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ग्राम मानिकपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन: नेशनल लोक अदालत को लेकर ग्रामीणों को किया गया जागरूक

शहपुरा :- ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और कानून की बुनियादी जानकारी देने के उद्देश्य से ग्राम मानिकपुर में एक विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में मुख्य रूप से आगामी नेशनल लोक अदालत को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और ग्रामीणों को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे। उनके साथ ही अधिवक्तागण, पुलिस प्रशासन के अधिकारी, विधिक सेवा समिति के लिपिक (क्लरिकल स्टाफ) और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण जन शामिल हुए।

नेशनल लोक अदालत के लाभों पर हुई चर्चा

शिविर को संबोधित करते हुए न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम ने कहा कि कानून की जानकारी न होने के कारण कई बार ग्रामीण छोटे-छोटे विवादों में उलझ जाते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। उन्होंने आगामी नेशनल लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह आपसी सहमति से मामलों को निपटाने का एक बेहतरीन और सुलभ मंच है।
अधिवक्ताओं और विधिक सेवा समिति के सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि लोक अदालत में दीवानी (civil), आपराधिक शमनीय (compoundable criminal cases), बैंक रिकवरी, बिजली और पानी के बिल से जुड़े विवादों का निपटारा दोनों पक्षों की रजामंदी से तुरंत किया जाता है। यहाँ निपटाए गए मामलों की कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाता है और कोर्ट फीस भी वापस मिल जाती है।

पुलिस और कानूनी प्रक्रियाओं की दी गई जानकारी

शिविर में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को छोटे-मोटे विवादों को आपस में सुलझाने, साइबर अपराधों से बचने और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की मदद लेने के तरीकों के बारे में बताया। इसके साथ ही विधिक सेवा समिति के लिपिकों ने शासन द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता (Free Legal Aid) की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि गरीब और असहाय लोग भी न्याय से वंचित न रहें।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों के कानूनी सवालों और शंकाओं का न्यायाधीश व अधिवक्ताओं द्वारा समाधान किया गया। ग्रामीणों ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें कानून को समझने में काफी मदद मिलती है।

इस कार्यक्रम में न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम, अधिवक्ता हरिश्चन्द झारिया, अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू, अधिवक्ता विनय झारिया, लिपिक महेंद्र कुडापे,शारदा नामदेव सहित ग्रामीण उपस्थित रहे है।

दिनांक – 10/10/2026

रिपोर्ट लीलाराम साहू डिंडोरी

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