Explore the website

Looking for something?

Monday, January 26, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

ग्राम पंचायत मालपुर में...

डिंडोरी जिले के शाहपुरा जनपद के ग्राम पंचायत मालपुर में आज नर्मदा जयंती...

ग्राम पंचायत मालपुर में...

डिंडोरी जिले शाहपुरा जनपद की ग्राम पंचायत मालपुर में आज नर्मदा जयंती के...

ग्राम पंचायत मालपुर में...

डिंडोरी जिले शाहपुरा जनपद की ग्राम पंचायत मालपुर में आज नर्मदा जयंती के...

कुल्‍हाडी मारकर  हत्‍या करने...

डिण्‍डौरी:- मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी श्री मनोज कुमार वर्मा, जिला डिण्‍डौरी द्वारा...
Homeछत्तीसगढबिलासपुर : झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से गई दो मासूमों की जान,...

बिलासपुर : झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से गई दो मासूमों की जान, पुलिस ने ऐसे किया आरोपी को गिरफ्तार

  • बिलासपुर में एक झोलाछाप डॉक्टर पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस ने जांच के बाद एक्शन लिया और फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया. आइए आपको मामले के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं.

Bilaspur News in Hindi: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर जिले के बेलगहना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टेंगनमाडा में अवैध चिकित्सा पात्रता (Illegal Medical Entitlement) के इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टर (Fake Doctor) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी दीपक गुप्ता उर्फ चिंटू गुप्ता (37 वर्ष) लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध रूप से इलाज कर रहा था. 17 जुलाई 2024 को ग्राम करवा निवासी जब्बार अली ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके दो पुत्र, इरफान अली (13 वर्ष) और इमरान अली (14 वर्ष) की मृत्यु चिंटू गुप्ता के किए गए गलत इलाज के चलते हो गई है. इस मामले पर ही पुलिस ने एक्शन लिया है.

गलत इलाज के कारण दो बच्चों की गई जान

घटना की सूचना मिलते ही बेलगहना पुलिस ने मर्ग इंटिमेशन दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच के दौरान प्राप्त FSL रिपोर्ट और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि दोनों बच्चों की मौत गलत उपचार के चलते हुई थी. इसके बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशानुसार, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 16 अप्रैल 2025 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड में भेज दिया. इस कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अर्चना झा और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया.

लंबे समय से फरार था आरोपी दीपक

गौरतलब है कि आरोपी दीपक गुप्ता लंबे समय से फरार चल रहा था. इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर क्यों झोलाछाप डॉक्टरों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती. यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अवैध रूप से इलाज कर रहे लोगों पर सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version