( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
देवास में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले स्कूल वैन चालक पर मामला दर्ज, भेजा गया जेल, स्कूल संचालक के खिलाफ भी केस दर्ज.
एनटीवी टाइम न्यूज देवास/ देवास में हुई मूसलाधार बारिश के चलते मंगलवार को शहर के मेंढकी रोड रेलवे लाईन के अंडर ब्रिज में बारिश का पानी भर जाने के चलते कई दो पहिया और चार पहिया वाहन फंसे दिखाई दिए. इसी बीच एक प्राइवेट स्कूल की बच्चों से भरी स्कूली वैन भी फंस गई. करीब दो घंटे तक वैन में सवार बच्चे फंसे रहे. वहीं वैन को निकालने के लिए ड्राइवर ने लोगों से मदद मांगी और करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्कूली वैन को निकाला गया. इस अंडर ब्रिज के टेक्निकल फेलियर की वजह से हर साल बरसात का पानी भर जाता है और जिम्मेदार रेलवे विभाग कोई ध्यान नही देता है.
वैन चालक गिरफ्तार, स्कूल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज
वहीं, इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए शहर की सिविल लाईन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लापरवाह स्कूल वैन चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, साथ ही स्कूल संचालक के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया है.

ड्राइवर ने स्टॉपर हटाकर वाहन को पानी में उतारा
दरअसल, 25 अगस्त को देवास के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित रेलवे अंडरब्रिज में भारी वर्षा के कारण जलभराव होने पर पुलिस द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से स्टॉपर लगाकर आवागमन प्रतिबंधित किया गया था. इसके बावजूद एक निजी स्कूल के वैन चालक ने स्टॉपर हटाकर वाहन को पानी में उतार दिया. पानी में वैन बंद होने पर चालक बच्चों को मौके पर ही छोड़कर भाग गया. सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिकों, डायल-112 और सिविल लाइन थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए करीब 2 घंटों की मशक्कत के बाद रस्सी के सहारे सभी स्कूली बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला.
थाना सिविल लाइन देवास में आरोपी चालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 285 एवं मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में अपराध क्रमांक 465/2026 दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर वाहन को जब्त कर लिया. इसके अतिरिक्त सुरक्षा मानकों और चरित्र सत्यापन संबंधी दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने पर स्कूल संचालक के विरुद्ध भी बीएनएस की धारा 223 के तहत अपराध क्रमांक 467/2026 दर्ज कर जांच में लिया गया है.
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देवास प्रशासन के निर्देश
देवास जिला प्रशासन एवं पुलिस ने सभी स्कूल प्रबंधनों से स्पष्ट रूप से कहा है कि वे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ वाहनों की फिटनेस, परमिट और चालकों के पुलिस सत्यापन का कार्य पूर्ण रखें. किसी भी परिस्थिति में जलभराव वाले मार्गों या पुल-पुलियों से वाहन न निकालने के कड़े निर्देश चालकों को दिए जाएं. नियमों की अनदेखी पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.


