Home धर्म धर्माचार्यों को बाबा बागेश्वर की सलाह, आपसी रार छोड़ो सनातन को बढ़ाओ

धर्माचार्यों को बाबा बागेश्वर की सलाह, आपसी रार छोड़ो सनातन को बढ़ाओ

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( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )

बाबा बागेश्वर ने संत, शंकराचार्यों को दी नसीहत. अपनी ऊर्जा, तप और भजन एक दूसरे को मिटाने में नहीं सनातन को बढ़ाने में करें खर्च.

एनटीवी टाइम न्यूज छतरपुर/देश के जाने माने कथा वाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री इन दिनों महाराष्ट्र के मुम्बई में बागेश्वर बालाजी सनातन मठ में गणेश उत्सव मना रहे हैं. बीते दिनों जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा प्रेमानंद महाराज पर टिप्पणी के मामले में बाबा बागेश्वर ने एंट्री की थी. तो अब धीरेन्द्र शास्त्री ने एक बार फिर बड़ा बयान देकर खलबली मचा दी है. इस बार बयान साधु, संतों, शंकराचार्यों, धर्माचार्यों को लेकर दिया है. धीरेन्द्र शास्त्री ने मुम्बई के मंच से साधु संत समाज को नसीहत दी है.

मुंबई में गणेश उत्सव मना रहे धीरेंद्र शास्त्री

बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री 3 दिवसीय मुंबई के बागेश्वर बालाजी सनातन मठ में गणेश उत्सव मना रहे हैं. अपने भक्तों और श्रद्धालुओं को आशीर्वचन भी दे रहे हैं. वहीं, गणपति उत्सव में भी शामिल हो कर पूजा अर्चना कर रहे हैं. लेकिन इसी दौरान धीरेन्द्र शास्त्री अपने समाज यानी साधू संत, देश के शंकराचार्यों और धर्माचार्यों पर कुछ नाराज भी दिखाई दिए.

बालाजी सनातन मठ में गणेश उत्सव मना रहे हैं धीरेंद्र शास्त्री

बाबा बागेश्वर ने संतों से किया निवेदन

धीरेन्द्र शास्त्री ने देश के शंकराचार्यों सहित सभी सनातन धर्माचार्यों से अपील करते हुए कहा कि, ”सभी पूज्यों को अपनी ऊर्जा, विद्युत्ता, तप, तेज, भजन एक दूसरे को मिटाने में खर्च न करके सनातन को बढ़ाने में खर्च करना चाहिए. शंकराचार्य हमारे बहुत ही प्रिय हैं, उनका वचन हमारे लिए आशीर्वाद है.”

”हम स्पष्ट रूप से एक निवेदन करना चाहते हैं. चारों शंकराचार्य, पुजारी, शारदा मठ, दक्षिण श्रृंगेरी और इस देश के जगत गुरु, कथा वाचकों का अब एक जगह, एक मंच पर बैठने का समय है न की एक दूसरे के विवाद का. सनातन के छत्र के नीचे बैठकर देश और सनातन को बचाएं, विवाद नहीं संवाद का रास्ता चुनें तभी भारत गृहयुद्ध से बच पाएगा.”

आपस में लड़ना बंद करें

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, हमारी बात का बुरा न मानना, देश के सभी शंकराचार्यों, आचार्यों, जगत गुरुओं, कथा वाचकों, संत, महंतों से अपील है अगर सनातन को बचाना है तो आपस में लड़ना बंद कर दो. साधू सन्त अपनी ऊर्जा, विद्युत्ता, तप, तेज, भजन, एक दूसरे को मिटाने में खर्च न करके सनातन को बढ़ाने में खर्च करें.”

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