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पचमढ़ी वन्य जीव अभयारण्य का बदला नाम, कई विकास कार्यों की मिली सौगात

  • राजा भभूत सिंह वन्य जीव अभयारण्य होगा पचमढ़ी वन्य जीव अभयारण्य का नाम, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान.

पचमढ़ी: रिमझिम बारिश के बीच मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक पचमढ़ी के राजभवन में हुई. सतपुड़ा के जननायक राजा भभूत सिंह को समर्पित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. कैबिनेट में लिए गए फैसले के अनुसार अब पचमढ़ी वन्य जीव अभयारण्य का नाम राजा भभूत सिंह वन अभयारण्य होगा. इसके आलावा लैंड रिकॉर्ड कमिश्नर और कमिश्नर अब अलग अलग पद नहीं होगा. दोनों को मिलाकर एक पद किया जाएगा.

राजस्व के नए पद सृजित करेंगे

कैबिनेट बैठक के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस वार्ता में बताया कि कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार अब राजस्व में 500 पद विलोपित कर 1200 नए पद सृजित कर भर्ती होगी. जिसमें में आईटी वालों को प्रमुखता दी जाएगी. कैबिनेट निर्णय के अनुसार तहसीलदार दो श्रेणियों में बंटेंगे. जिनका नाम कमिश्नर लैंड रिसोर्सेज एंड मैनेजमेंट होगा. इससे राजस्व में लंबित प्रकरणों के निराकरण के प्रयास होंगे.

इंदौर मेट्रो को उज्जैन तक बढ़ाया जाएगा

कैलाश विजयवर्गी ने कहा कि इंदौर मेट्रो को उज्जैन तक बढ़ाया जाएगा. सरकार का प्रयास है कि सिंहस्थ 2028 तक उज्जैन तक मेट्रो पहुँच जाए और चलने लगे.

सांसद विधायकों का होगा प्रशिक्षण

पचमढ़ी में आगामी 14, 15, 16 जून को मध्य प्रदेश के मंत्री, सांसदों और विधायकों का प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा. जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विधायकों-सांसदों से चर्चा करेंगे.

लेबर लॉ में किया जाएगा बदलाव

20 ठेका श्रमिक को 50 तक बढ़ाए जाने का निर्णय कैबिनेट में लिया गया. जिसमें हाथ से काम करने वालों की संख्या 20 से 40 की गई है. श्रमिकों का संरक्षण करते हुए लेबर लॉ में परिवर्तन किया जाएगा.

जननायकों की याद में हमने की कैबिनेट, उन्हें नमन करके विकास भी करेंगे : मोहन यादव

पचमढ़ी के राजभवन में कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार जननायकों को नमन करके विकास के काम कर रही है. पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह, अहिल्याबाई, दुर्गावती, विक्रमादित्य के योगदान को याद करके संबंधित क्षेत्र का विकास कर रहे हैं.

पचमढ़ी आदिकाल से अद्भुत स्थान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पचमढ़ी आदिकाल से अद्भुत स्थान है. अंग्रेजों से संघर्ष करके सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी की खास पहचान बनी है. आदिवासी नायक राजा भभूत सिंह के नेतृत्व में पेशवा के साथ अंग्रेजों से युद्ध हुए. बाद में राजा भभूत सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध किए.

कोई पचमढ़ी नहीं आया तो उसका जीवन अधूरा

मुख्यमंत्री ने पचमढ़ी की तारीफ करते हुए कहा कि कश्मीर को याद दिलाने वाला स्थान है. ऐसा लगता ही नहीं कि हम कभी यहां से बाहर कदम बढ़ाएं. कोई पचमढ़ी नहीं आया तो उसका जीवन अधूरा है. हम इस नैसर्गिक सौंदर्य के विकास पर काम करेंगे.

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान का किया शुभारंभ

राजा भभूत सिंह के शौर्य एवं बलिदान को समर्पित कैबिनेट बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के साथ पौधारोपण किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजा भभूत सिंह के शौर्य, बलिदान एवं साहस को स्मरण किया. इसके बाद एक पेड़ मां के नाम अभियान में पौधा रोपण किया. पूर्व में यह उद्यान बाल उद्यान के नाम से जाना जाता था. सीएम ने इस उद्यान का नाम वीर राजा भभूत सिंह की स्मृति में राजा भभूत सिंह उद्यान किया है.

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