Explore the website

Looking for something?

Thursday, July 16, 2026

Enjoy the benefits of exclusive reading

TOP NEWS

कक्षा छठवीं व ग्यारहवी...

डिंडोरी। पी.एम.श्री. स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय धमनगांव प्रभारी प्राचार्य अल्का विश्वकर्मा ने जानकारी...

मध्य प्रदेश के रीवा शहर में रविवार को एक होटल में उस समय...

विधानसभा क्षेत्र मिल्कीपुर अयोध्या...

विधानसभा क्षेत्र मिल्कीपुर अयोध्या के ग्राम सभा धौरहरा मुकुंदा पूरे रामलाल तिवारी का...

अज्ञात वाहन की चपेट...

डिंडौरी। जिले के विक्रमपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केलवारा में एक अज्ञात तेज...
Homeमध्य प्रदेशबाल संरक्षण, बाल अपराधों की रोकथाम एवं उत्कृष्ट अनुसंधान हेतु बाल कल्याण...

बाल संरक्षण, बाल अपराधों की रोकथाम एवं उत्कृष्ट अनुसंधान हेतु बाल कल्याण अधिकारियों एवं उनके सहायकों को पोक्सो एक्ट, बालकों के देखरेख व संरक्षण के संबंध दिया गया प्रशिक्षण-

भोपल
बाल संरक्षण, बाल अपराधों की रोकथाम एवं उत्कृष्ट अनुसंधान हेतु बाल कल्याण अधिकारियों एवं उनके सहायकों को पोक्सो एक्ट, बालकों के देखरेख व संरक्षण के संबंध दिया गया प्रशिक्षण-

सतेंद्र जैन ब्यूरो रिपोर्टर

बाल संरक्षण, बाल अपराधों की रोकथाम, पोक्सो एक्ट तथा उत्कृष्ट अनुसंधान हेतु वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कमिश्नर कार्यालय सभागार में समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारियों एवं उनके सहायकों को जे0जे0 बोर्ड सदस्य डॉ. कृपा शंकर चौबे द्वारा बाल संरक्षण हेतु कानूनी प्रावधानों, बाल अपराधों की रोकथाम, पोक्सो एक्ट के नवीन प्रावधानों, बालको के अधिकारों, घटना में प्रयुक्त सामग्री की जपती तथा उत्कृष्ट अनुसंधान हेतु विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गयाl साथ ही ADOP श्रीमती मनीषा पटेल ने विधिक प्रावधानों तथा अनुसंधान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा बाल अधिकारों के सम्बंध मे विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उक्त प्रशिक्षण डीसीपी मुख्यालय श्रीमती श्रद्धा तिवारी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्रीमती नीतू ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा श्रीमती मंजुलता खत्री की मौजूदगी में संपन्न हुआ, जिसमें समस्त थानों के बाल कल्याण अधिकारियों एवं उनके सहायकों समेत लगभग 80 अधिकारी/कर्मचारी शामिल रहे l

कार्यशाला में डीसीपी श्रीमति श्रद्धा तिवारी ने सारगर्भित एवं व्यवहारिक मार्गदर्शन देते हुए कहा कि महिला व बाल अपराधों को रोकना एवं उनकी सुरक्षा करना पुलिस की प्राथमिक एवं मूल दायित्व होना चाहिए। एक अच्छे कुशल अनुसंधान अधिकारी का परिचय देते हुए विवेचना के दौरान पीड़ित के अधिकारो के तहत आवश्यक मदद व शासकीय अनुदान एवं पुनर्वास इत्यादि में सार्थक सहयोग देना चाहिए, साथ ही विवेचना के दौरान भरे जाने वाले सभी फॉर्म एवं प्रक्रिया का पूर्ण ज्ञान होना जरुरी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version