आमिर अहमद
बैतूल कोयला खदान हादसा, 3.5 किमी अंदर दबे कर्मचारी
बैतूल जिले के पाथाखेड़ा स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की छतरपुर-1 खदान में गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। खदान की करीब 10 मीटर ऊंची छत अचानक ढह गई, जिससे तीन कर्मचारियों के फंसने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य तेज़ी से जारी है।हादसे के वक्त 3.5 किमी अंदर थे कर्मचारी |
घटना दोपहर 3 बजे की बताई जा रही है, जब कर्मचारी खदान के कंट्यूनर माइनर सेक्शन में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छत गिरने से तीन कर्मचारी मलबे में दब गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार खदान धसने की घटना में तीन लोग गोविंद कोसरिया पद असिस्टेंट मैनेजर उम्र-37 वर्ष, रामप्रसाद चौहान पद माइनिंग सरदार उम्र 46 वर्ष और रामदेव पंडोले पद ओवरमैन उम्र 49 वर्ष की मृत्यु हुई। कोलकाता की कंपनी को मिला था ठेका
खदान का यह सेक्शन “जॉय माइनिंग सर्विस” द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई तकनीक वाली मशीन का उपयोग किया जा रहा था। ठेका एक कोलकाता स्थित कंपनी को मिला हुआ है।
कैसे हुआ हादसा? |
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोयला काटने के दौरान कंट्यूनर माइनर मशीन काम कर रही थी, तभी खदान की छत अचानक गिर गई। हादसे के वक्त करीब 25 से 26 कर्मचारी खदान में मौजूद थे, लेकिन वे अलग-अलग सेक्शनों में कार्यरत थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना के तुरंत बाद माइन रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, जो फंसे हुए कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के लिए तेज़ी से अभियान चला रही है। फिलहाल, प्रशासन और खदान प्रबंधन स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
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