Sunday, August 30, 2026

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भारत पर बयान देकर फंस गए मुइज्जू,मालदीव राष्ट्रपति ने सबसे लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस का तोड़ा रिकॉर्ड

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू इन दिनों सुर्खियों में हैं।एक तरफ उन्होंने दुनिया की सबसे लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नया रिकॉर्ड बनाया है, तो दूसरी तरफ भारत को लेकर दिए बयान पर अब उन्हें माफी मांगने की मांग का सामना करना पड़ रहा है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने शनिवार को एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने लगातार 14 घंटे 54 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जो अब तक किसी भी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा की गई सबसे लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस मानी जा रही है। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, इस रिकॉर्ड ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के 14 घंटे के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस सुबह 10 बजे शुरू हुई और देर रात तक चली। इस दौरान मुइज्जू ने नमाज के अलावा कोई भी ब्रेक नहीं लिया और पत्रकारों के सभी सवालों का जवाब दिया। राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे प्रेस की भूमिका को सम्मान देने वाला कदम बताया और बताया कि मालदीव ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता रैंकिंग में भी सुधार किया है। इस मैराथन प्रेस कॉन्फ्रेंस में करीब दो दर्जन पत्रकार मौजूद थे और उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब भारत के साथ मालदीव के संबंधों पर सवाल पूछा गया, तो राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा, “भारत के साथ हुए समझौतों में कोई चिंता की बात नहीं है।”

उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी नेता और मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि मुइज्जू को भारत और मालदीव की जनता से माफी मांगनी चाहिए । उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मुइज्जू ने “एंटी-इंडिया” अभियान चलाया और भारत विरोधी भावनाएं भड़काईं। शाहिद के अनुसार, अब जब राष्ट्रपति खुद कह रहे हैं कि भारत के साथ समझौते में कोई खतरा नहीं है, तो इसका मतलब है कि उन्होंने चुनाव जीतने के लिए जनता को गुमराह किया।गौरतलब है कि मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने साल 2009 में समुद्र के नीचे बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, ताकि जलवायु परिवर्तन और समुद्र के बढ़ते जलस्तर के खतरे को लेकर दुनिया का ध्यान खींचा जा सके।

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
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