Tuesday, October 13, 2026

TOP NEWS

वोट चोरी’ मामले में...

'वोट चोरी' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विपक्षी गठबंधन (INDIA Bloc) को झटका. SC रजिस्ट्री ने राहुल गांधी और खड़गे की संयुक्त याचिका में निकालीं 14 तकनीकी खामियां, ₹220 कोर्ट फीस भी पाई गई कम. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय...

इंदौर में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने 500 गरबा आयोजकों को लव जिहाद के खिलाफ सुरक्षा कवच बनाने, भजनों पर गरबा करने और जल संरक्षण की शपथ दिलाई। पढ़ें पूरी खबर...

हरियाणा ने जनगणना 2027...

एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों को छूटे हुए लोगों और दोहरी गणना...

Indore Jio-bp Petrol Diesel...

इंदौर में जियो-बीपी (Jio-bp) पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं। पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा हो गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस बढ़ोतरी से ग्राहकों में भारी नाराजगी है। जानें पूरी खबर...
Homeमध्य प्रदेशभोपाल : जिंदा लोगों को भी अफसरों ने दे दिए अंत्येष्टि योजना...

भोपाल : जिंदा लोगों को भी अफसरों ने दे दिए अंत्येष्टि योजना के 1.68 करोड़ रुपए

  • घोटालों की सूची में आया यह मामला अफसरों की संवेदनहीनता बताता है। उन्होंने अंत्येष्टि सहायता एवं अनुग्रह योजना में 1.68 करोड़ ऐसे जिंदा लोगों को दे दिए, जिनका मृतक या उनके परिजनों से वास्ता नहीं था।

घोटालों की सूची में आया यह मामला अफसरों की संवेदनहीनता बताता है। उन्होंने अंत्येष्टि सहायता एवं अनुग्रह योजना(Antyeshti Evam Anugrah Sahayata Yojana) में 1.68 करोड़ ऐसे जिंदा लोगों को दे दिए, जिनका मृतक या उनके परिजनों से वास्ता नहीं था। नियंत्रक महालेखापरीक्षक (कैग) की विधानसभा में सोमवार को पेश रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ। अफसरों ने ये फर्जीवाड़े अलग-अलग वित्तीय वर्षों में किए। यह भी पता चला कि संनिर्माण कर्मकार मंडलों में जबरदस्त धांधलियां हुईं।

इसके अलावा विवाह सहायता जैसी सरकारी योजनाओं में अफसरों ने खूब पलीता लगाया। असल में अंत्येष्टि सहायता एवं अनुग्रह सहायता का लाभ मजदूरों व उनके परिजनों को अंत्येष्टि के समय व उसके बाद दी जाती है। इसमें दो बार अलग-अलग राशि मिलती है। पहली किस्त तो अंत्येष्टि के समय दी जाती है और दूसरी किस्त बाद में मिलती है।

कर्मकार मंडल और श्रम सेवा पोर्टल पर 14 व 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों के भी पंजीयन कर दिए गए। जबकि सरकार खुद कहती है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम नहीं लिया जा सकता। हद तो तब हो गई जब 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी जोड़ लिया गया। विवाह सहायता योजना में जबलपुर के कुंडम जनपद ने 2, पहाड़गढ़ ने 13, कैलारस ने 27, वैढ़न ने 3 व चितरंगी जनपद के अफसरों ने 3 फर्जी प्रकरणों में 38.92 लाख रुपए का भुगतान किया।

विवाह सहायता योजना में भी फर्जीवाड़ा

कैग ने विवाह सहायता योजना में भी फर्जीवाड़ा पकड़ा। इसमें नगर निगम भोपाल ने 28 प्रकरणों में 14.28 लाख और निगम जबलपुर ने 10 प्रकरणों में 5.10 लाख ऐसे लोगों को दिए, जो पात्र ही नहीं थे।

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments