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भोपाल नगर निगम की गौशाला में भूख-प्यास से मर गईं तीन गायें, आठ गंभीर

  • Cow Deaths in Bhopal: भोपाल नगर निगम की अरवलिया गौशाला में तीन गायों की भूख-प्यास से मौत हो गई। आठ से अधिक गायें गंभीर रूप से बीमार हैं। गौशाला में चारा-पानी का इंतजाम नहीं था, जिससे सैकड़ों गोवंश खुले मैदान में थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौशाला में प्रदर्शन किया और जांच की मांग की।

भोपाल। भोपाल नगर निगम की अरवलिया गौशाला में बुधवार को तीन गायों की भूख-प्यास से मौत हो गई। वहीं आठ से अधिक की हालत गंभीर है। हालात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि गोशाला में प्रशासनिक टीम के पहुंचने तक गायों के लिए चारा-पानी का इंतजाम तक नहीं था। इस कड़ी धूप में सैकड़ों गोवंश खुले मैदान में थे।

स्थानीय लोगों की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौशाला में प्रदर्शन किया। बजरंग दल के कार्यकर्ता शुभम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में दावा किया कि गौशाला में 10 से 15 गोवंश की मौत हुई है। इसमें से कई के शव तालाब के किनारे फेंक दिए गए हैं।

रिकॉर्ड में 665 गोवंश, मिले इससे आधे

बजरंग दल मध्य भारत प्रांत के संयोजक सुशील सुडेले ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर तीन गायें मृत मिली थीं। वहीं सात गोवंश मरणासन्न अवस्था में थे। वहां कई अनियमितताएं हैं। 665 गोवंश के रखे जाने का रिकॉर्ड है, लेकिन वहां 300-400 गोवंश मौजूद थे।

300 से ज्यादा गायों के लिए चार बोरी भूसा रखा था

इतने गोवंश के लिए केवल चार बोरी भूसा रखा मिला। इसी के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की सूचना पर प्रशासन सक्रिय हुआ उसके बाद आनन-फानन में अधिकारियों का दल वहां पहुंचा। मृत गायों का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं मरणासन्न गायों का इलाज शुरू हुआ है। हुजूर के नायब तहसीलदार संतोष दुबे ने बताया कि घटना के बाद गौशाला में चारे की व्यवस्था करा दी गई है।

अधिकारी बोले- बीमारी से मर जाते हैं गोवंश

नगर निगम के गोवर्धन परियोजना अधिकारी समुंदर शर्मा का कहना है कि यहां बीमार गोवंश को भेजा जाता है, जिनकी हालत पहले से ही खराब होती है। उनका कहना है कि रोजाना 10 बीमार गोवंश को पकड़ा जाता है और गौशाला भेजा जाता है, जहां वे बीमारी से मर जाते हैं।

शाखा का बजट 40 करोड़, फिर गोवंश को नहीं मिल रहा चारा

नगर निगम की गोवर्धन शाखा परियोजना का सालाना बजट 40 करोड़ रुपये है। इसके बाद भी गोवंश को पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। नगर निगम द्वारा शहर में संचालित किए जा रहे पांच काजी हाउस की भी स्थिति कुछ इसी तरह है।

बीमार गोवंश को उपचार के लिए भेजा

मामले की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। जांच में दो बेसहारा गोवंश की मौत हो चुकी थी, जबकि एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। सात-आठ बीमार गोवंश को उपचार के लिए भेजा गया। – रणवीर सिंह, अपर आयुक्त, नगर निगम, भोपाल

आयुक्त से इसकी जांच कराने को कहा

भोपाल नगर निगम की गौशाला में गोवंश के मृत होने का मामला संज्ञान में है। नगर निगम आयुक्त से इसकी जांच कराने को कहा गया है। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल

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