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मंदसौर : कार रोककर परिवार को उतारा और मंदसौर के डॉक्टर को साथ ले गए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी

  • मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक चौंकाने वाली घटना घटी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो प्रतापढ़, राजस्थान के अधिकारियों ने डॉ. डीडी संगतानी को उनकी कार सहित अपने साथ ले गए। यह घटना तब हुई जब डॉ. संगतानी अपने परिवार के साथ नालछा माता मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे।

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में बुधवार सुबह 11 बजे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो प्रतापगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी डॉ. डीडी संगतानी को कार सहित ले गए। शहर के कैलाश मार्ग पर उनकी कार (एमपी 09 डीयू 4509) को रोका गया था। इसके बाद उन्हें साथ में ले गए। इधर परिवार वालों ने उनके अपहरण का आरोप लगाया।

मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद परिवार वालों से चर्चा कर रहे हैं। सिंधी समाजजन पुलिस कंट्रोल रूम पर पहुंच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक डॉ. संगतानी अपने परिवार के साथ नालछा माता मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे।

इसी दौरान रास्ते में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों ने उनकी कार को रोक लिया। महिलाओं सहित अन्य लोगों को गाड़ी से उतरने को कहा। इसके बाद डॉक्टर को कार सहित अपने साथ में ले गए। इस घटना के बाद परिवार के लोग बुरी तरह घबरा गए थे। उन्होंने डॉक्टर को किडनैप करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी।

इधर… अफीम तस्कर को चार वर्ष का सश्रम कारावास

अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ने अफीम की तस्करी करने के मामले में एक आरोपित को चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी दीपक जमरा ने बताया कि 3 जून 2017 को मल्हारगढ़ थाने में पदस्थ सउनि नवनीत गोस्वामी ने महू-नीमच राजमार्ग पर नई कृषि मंडी के वहां नाकाबंदी की।

तभी मंदसौर की तरफ से मोटरसाइकिल एमपी 44 एमडी 0486 पर आ रहे 28 वर्षीय मनीष पुत्र प्रकाश जाट निवासी बुगलिया तथा पीछे हाथ में थैली लिए बैठे राजू पुत्र हमीद अजमेरी निवासी अचेरा को रोका। थैली की तलाशी लेने पर एक किलो अफीम मिली। पुलिस ने अफीम जब्त कर आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

आरोपितों के पास कोई वैध लाइसेंस भी नहीं मिला। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना में समस्त अनुसंधान पूर्ण कर अभियुक्त मनीष और राजू के विरुद्ध अभियोग पत्र सक्षम विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

विचारण के दौरान प्रकरण में अभियोजन द्वारा रखे तथ्यों एवं तर्कों से सहमत होकर न्यायाधीश ने आरोपित मनीष जाट को अफीम तस्करी के अपराध में दोषी पाते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, साथ ही एवं 25,000 रुपये का अर्थदंड दिया।

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