भोपाल। मध्य प्रदेश के लोगों के लिए मौसम को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सूबे में इस साल मानसून तय समय से पहले एंट्री कर सकता है। प्रदेश में 20 जून से पहले मानसून के दस्तक देने की प्रबल संभावना बनी हुई है। हालांकि, मानसून के आने से पहले प्रदेशवासियों को मौसम के दोहरे मिजाज का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, वहीं 9 और 10 जून को प्रदेश के कुछ हिस्सों में तीव्र लू (हीटवेव) चलने की आशंका भी जताई है।
केरल और महाराष्ट्र के रास्ते तेजी से बढ़ रहा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। केरल और महाराष्ट्र में समय से पहले दस्तक देने के बाद अब परिस्थितियां मध्य प्रदेश के अनुकूल बनी हुई हैं। यदि हवा की रफ्तार और नमी की स्थिति ऐसी ही रही, तो 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश के दक्षिणी हिस्से (बुरहानपुर, खंडवा या बैतूल के रास्ते) में प्रवेश कर सकता है। आमतौर पर एमपी में मानसून की एंट्री 15 से 20 जून के बीच होती है, लेकिन इस बार इसके जल्द आने के आसार हैं।
अगले 4 दिन: आंधी, चमक और हल्की बारिश का दौर
मानसून पूर्व की गतिविधियों (Pre-monsoon activities) के चलते अगले 4 दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
- प्रभावित क्षेत्र: भोपाल, इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग के जिलों में तेज हवाएं (40 से 50 किमी प्रति घंटा) चलने और वज्रपात की आशंका है।
- कारण: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है।
9 और 10 जून को तपेगा प्रदेश, चलेगी लू
राहत की खबरों के बीच मौसम विभाग ने सचेत भी किया है। अगले सप्ताह के शुरुआती दिनों यानी 9 और 10 जून को उत्तर और मध्य भारत से आ रही गर्म हवाओं के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान में अचानक बढ़ोतरी होगी।
- लू का अलर्ट: ग्वालियर-चंबल संभाग, बुंदेलखंड (छतरपुर, टीकमगढ़) और बघेलखंड (रीवा, सतना) के इलाकों में 9 और 10 जून को लू (Heatwave) चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में दिन का तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों ने नागरिकों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना वजह बाहर निकलने से बचें। आंधी-तूफान के समय कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी गई है ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान न हो।


