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रील लाइफ का ‘सपोर्टिंग एक्टर’, रियल लाइफ का ‘कातिल’: अमिताभ-आमिर संग काम करने वाला गुजराती अभिनेता निकला 12 साल से फरार उम्रकैदी

विशेष रिपोर्ट

अहमदाबाद, 21 मई 2026

फिल्मों की दुनिया में अक्सर ऐसी कहानियों पर थ्रिलर फिल्में बनती हैं, जहां एक शातिर अपराधी अपनी पहचान बदलकर समाज के बीच खुलेआम घूमता रहता है। लेकिन गुजरात के अहमदाबाद से एक ऐसा असल मामला सामने आया है, जिसने बॉलीवुड से लेकर कानून के रखवालों तक को हैरान कर दिया है।

जिस शख्स को पुलिस पिछले 12 सालों से सरगर्मी से तलाश रही थी, वह किसी अंधेरे अंडरग्राउंड ठिकाने में नहीं, बल्कि चमचमाती फिल्मों, टीवी सीरियल्स और थिएटर की दुनिया में नाम कमा रहा था। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बुधवार को एक ऐसे उम्रकैदी को गिरफ्तार किया है, जो साल 2014 में पैरोल जंप कर फरार हो गया था और इस दौरान उसने अमिताभ बच्चन, आमिर खान और रणवीर सिंह जैसे बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की।

कौन है यह ‘बहुरूपिया’ हत्यारा?

पकड़े गए आरोपी का असली नाम हेमंत नगीनदास मोदी (उम्र 53 वर्ष) है, जो मूल रूप से अहमदाबाद के नरोडा इलाके का रहने वाला है।

  • गुनाह का इतिहास: साल 2005 में अहमदाबाद के नरोडा (सैजपुर बोघा) इलाके में अवैध सीढ़ियों को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। इस झड़प में नरेंद्र कांबली नामक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में हेमंत मोदी मुख्य आरोपियों में से एक था।
  • सजा और जेल: अगस्त 2008 में अदालत ने हेमंत मोदी को हत्या और दंगा भड़काने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। इसके बाद उसे मेहसाणा जिला जेल भेज दिया गया।
  • तलाक और पैरोल की साजिश: जेल में रहते हुए हेमंत ने अपनी पत्नी को यह कहकर तलाक दे दिया कि अब उसका पूरा जीवन जेल की चारदीवारी में ही कटेगा। लेकिन साल 2014 में गुजरात हाईकोर्ट ने उसे 30 दिनों की पैरोल मंजूर की। 25 जुलाई 2014 को उसकी पैरोल अवधि समाप्त हुई, लेकिन वह जेल वापस नहीं लौटा। कोर्ट ने उसे ‘पैरोल जंपर’ (फरार अपराधी) घोषित कर दिया।

‘ट्विंकल दवे’ बनकर मुंबई में जमाए पैर

जेल से भागने के बाद हेमंत सीधे मुंबई पहुंच गया। पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने न सिर्फ अपनी वेशभूषा बदली, बल्कि अपना नाम बदलकर ‘ट्विंकल दवे’ रख लिया। चूंकि उसे एक्टिंग का शौक था और वह पहले भी थोड़ा-बहुत अभिनय जानता था, इसलिए उसने मुंबई के थिएटर और फिल्म जगत में हाथ आजमाना शुरू कर दिया।

हैरानी की बात यह है कि वह लगातार कैमरे के सामने रहा, लेकिन कोई भी उसकी असली पहचान नहीं जान पाया।

इन बड़ी फिल्मों और सीरियल्स में आया नजर:

  • ठग्स ऑफ हिंदोस्तान: अमिताभ बच्चन और आमिर खान के साथ स्क्रीन शेयर की।
  • जयेशभाई जोरदार: रणवीर सिंह अभिनीत इस फिल्म में भी छोटा किरदार निभाया।
  • आने वाली बड़ी फिल्में: सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘लाहौर 1947’ और अनुराग बसु की ‘मेट्रो… इन दिनों’ में भी उसने काम किया है।
  • टीवी सीरियल्स: लोकप्रिय शो ‘वागले की दुनिया’ और ‘मेरे साईं’ में भी वह सपोर्टिंग रोल में दिखा।
  • गुजराती सिनेमा व थिएटर: ‘युगपुरुष’ और ‘गांधी विरुद्ध गोडसे’ जैसे बड़े नाटकों के साथ-साथ उसने 20 से अधिक गुजराती फिल्मों में अभिनय किया।

आखिर कैसे चढ़ा पुलिस के हत्थे?

फरारी के दौरान हेमंत मोदी ज्यादातर मुंबई या गुजरात के पाटण जिले में रह रहा था। हाल ही में उसे एक गुजराती धारावाहिक ‘मोतीबा नी नानी वहू’ में रोल मिला, जिसकी शूटिंग के लिए उसे अहमदाबाद आना पड़ा।

वह अहमदाबाद के घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास एक किराए का कमरा लेकर रह रहा था। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजियान को स्थानीय मुखबिरों (इन्फॉर्मर्स) से इस बात की भनक लगी कि एक पुराना उम्रकैदी पहचान बदलकर शहर में रह रहा है। पुलिस ने जाल बिछाया और तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसे घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास से दबोच लिया।

पुलिस का बयान

“आरोपी हेमंत मोदी बेहद शातिर है। उसने 12 साल तक अपनी पहचान छुपाकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकी। इस दौरान उसने खुद को पूरी तरह से मनोरंजन जगत में ढाल लिया था ताकि कोई शक न कर सके। तकनीकी जांच और खुफिया सूचना के आधार पर हमारी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब उसे वापस मेहसाणा जेल भेजा जा रहा है, जहां वह अपनी बची हुई सजा काटेगा।”

असली नाम

हेमंत नगीनदास मोदी (53 वर्ष)

फर्जी नाम

ट्विंकल दवे

जुर्म

2005 में नरेंद्र कांबली की हत्या (उम्रकैद की सजा)

फरार अवधि

2014 से 2026 तक (लगभग 12 वर्ष)

प्रमुख फ़िल्में

ठग्स ऑफ हिंदोस्तान, जयेशभाई जोरदार, लाहौर 1947 (आगामी)

पकड़ा गया

घीकांटा मेट्रो स्टेशन, अहमदाबाद

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