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रीवा में आर्मी का रिटायर्ड जवान तिरंगा लेकर चढ़ा पानी की टंकी पर, धरने पर बैठा

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दीपक तिवारी
रीवा: रीवा सैनिक स्कूल से बीते दिनो 71 छात्रों को एक साथ निष्कासित किया गया निष्कासित छात्रों के समर्थन में उतरे पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह ने स्कूल प्रबंधन का विरोध किया. पूर्व सैनिक हाथ में तिरंगा लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए और विरोध प्रदर्शन किया. इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे. काफी देर तक मनाने के बाद पूर्व आर्मी जवान का गुस्सा शांत हुआ.

टीचर की कार का शीशा टूटने के बाद कार्रवाई

दरअसल, बीते दिनों रीवा सैनिक स्कूल में कक्षा 12वीं के कई छात्र कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे. छात्रों ने अपर कलेक्टर से शिकायत करते हुए स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया था कि एक साथ 12वीं कक्षा के सभी 71 छात्रों को निष्कासित करके उन्हें घर जाने के लिए कहा गया है. छात्रों का कहना था “खेल-खेल में स्कूल के एक शिक्षक की कार का शीशा टूट गया था, जिसे अनुशासनहीनता मानते हुए सभी छात्रों को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया.” इस मामले में उस समय अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी ने कहा था “आने वाले दिनों में 12 वीं की परीक्षा होने वाली है. स्कूल प्रबंधन से चर्चा करके समस्या का हल निकाला जाएगा.”

पूर्व आर्मी जवान ने किया छात्रों का समर्थन

अब इस मामले में पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह कूद पड़े हैं. वह हंगामा करते हुए समान थाना क्षेत्र के स्थित नए बस स्टैंड में बनी पानी की टंकी में चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने लगे. इसके बाद टंकी पर ही धरना दे दिया. पूर्व आर्मी जवान की मांग थी कि स्कूल प्रबंधन छात्रों का निष्कासन रद्द करे. जिससे छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो. मौके पर पुलिस टीम के साथ तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला पहुंचे और पूर्व आर्मी जवान यज्ञ प्रताप सिंह को मनाया. काफी देर तक समझाने के बाद पूर्व आर्मी जवान का गुस्सा शांत हुआ.

21 फरवरी से परीक्षाएं, छात्रों का भविष्य दांव पर

पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह ने कहा “एक छात्र की गलती की सजा सभी को देना उचित नहीं है. छात्रों का 21 फरवरी से एक्जाम है. ऐसे में उन्हें रस्टीकेट करना कहीं से भी उचित नहीं है. ये छात्र काफी समय से स्कूल में पढ़ रहे हैं तो फिर अब वे कैसे अनुशासनहीनता कर रहे हैं. छात्रों को वापस स्कूल में प्रवेश दिया जाए और उन्हें परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाए.” पूर्व आर्मी जवान ने कहा “अगर बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ तो ये उनके लिऐ भी अच्छा नहीं होगा और मेरे लिए भी.” वहीं, तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला ने बताया “स्कूल प्रबंधन से बात हुई है. करीब 22 छात्र स्कूल में वापस आ गए हैं. अन्य छात्र वापस कैंपस में जाकर अपने गुरुजनों से माफी मांगें और अपने परीक्षा की तैयारी करें.”

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