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Homeमध्य प्रदेशलखनादौन नगर परिषद पुत्र मोह के चलते डूबने की कगार पर है,

लखनादौन नगर परिषद पुत्र मोह के चलते डूबने की कगार पर है,

लखनादौन नगर परिषद पुत्र मोह के चलते डूबने की कगार पर है,

NTV TIME NEWS जबलपुर संभाग ब्यूरो चीफ विमल चौबे की रिपोर्ट

लखनादौन नगर परिषद में इन दिनों एक अजीब ही प्रथा की चलन में हैं मां अध्यक्ष बनी वो भी निर्दलीय क्या खेल निराला है, हमारे परिवार के बरिष्ठ बरसों से भाजपा का दमन थामे हुए थे, उनका नाम ले ले कर हम खुद ताकतवर बने, इनका कहना यह भी हमारा संघ से भी नाता है, लेकिन जब लखनादौन में नगर परिषद के चुनाव के लिए भाजपा से प्रत्याशीयो की सूची जारी की जाती हैं, लेकिन दुर्भाग्य तो देखिए साहब अपने आप मे इतना बड़ा नाम मीना बलराम गोल्हानी को भाजपा से प्रत्याशी घोषित नहीं किया जाता है, और मीना बलराम गोल्हानी बौखला जातीं हैं अब बौखलाहट तो देखिए साहब इन्होने भाजपा को दर किनार करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला ले लिया, जहां चुनाव चिह्न कमल का फूल होना था वहां चुनाव चिह्न ही बदल गया, इन्होने बरगद के पेड़ चुनाव चिन्ह से वार्ड क्रमांक 12 से कैसे जीत हासिल की ये तो जनता खूब जानती हैं, चलो हम ये भी मान लेते हैं की जीत तो आपने हासिल की लेकिन फिर बात समझ से परे, इनको अध्यक्ष पद के लिए भाजपा का बी फ्रॉम भी दे दिया जाता हैं ❓

लेकिन यहां तक भी इनकी दाल नहीं गलती है

अब वार्ड तो इन्होने नें जैसे तैसे जीत लिया लेकिन अब अध्यक्ष की कुर्सी कैसे मिले, फिर होता हैं खेल इनको पार्षद को अपने पक्छ में लाने के लिए भारी राशि का भुगतान भी करना पड़ा जिससे इनको अध्यक्ष की कुर्सी प्राप्त हुई सूत्रों की माने तो अध्यक्ष प्रतिनिधि जैसा कोई पद का जिक्र क़ानून मे भी नहीँ हैं, लेकिन मां की ममता तो अनमोल होती है मां कैसे शांत रहती बच्चे को रोता कैसे देखती, अपने बेटे की खुशी के लिए उन्हों एक पद का निर्माण किया जिसमे मेट्रिक पास की जरूरत नहीँ होती हैं, उस पद से अपने पुत्र का राज तिलक करते हुए नगर परिषद मे हस्तक्षेप करने कुर्सी पर बैठा दिया जाता है, और उसी दिन से पुत्र अपनी मनमानी करते हुए नगर परिषद मे लगतार हस्तक्षेप करता हुआ विवादों में घिरा हुआ है, और यही नहीँ अध्यक्ष पुत्र तो ऐसे गाड़ी में होटल लगाकर घूम रहा है जैसे मानो संपूर्ण जिले का विधायक इसे ही चुन लिया गया है,

मैं अध्यक्ष पुत्र हुँ, जैसा चाहूंगा वैसा ही होगा ,

घोषणा बीर अध्यक्ष पुत्र की हलकी राजनीति तो देखिये

  • मेरे द्वारा 15 वार्डो मे विकास की गंगा बहाई जा रही हैं
  • मेरे द्वारा सफाई के लिए टेक्टर मंगवाया गया, लेकिन उसका भी भुगतान नहीँ किया गया तो उसको टेक्टर कम्पनी बापस छीन कर ले जाती हैं
  • मेरे द्वारा गुणवत्ता हींन सड़के बनवाई गई जिसकी हकीकत एक बरसात में दिखाई देने लगी,
  • मेरे द्वारा आज भी रोटा नल की सफाई के नाम पर करोड़ों का घोटाला किया गया परनाला आज भी साफ नहीं हुआ लाखों की करोड़ों की पिचिंग कराई गई लेकिन आज ही है पिचिंग का कर संपूर्ण नहीं हुआ, सूत्रों की माने तो छुटभईया अध्यक्ष पुत्र का इतना आतंक बढ़ गया है की नगर परिषद के कर्मचारियों को आये दिन धमकी आए दिन किसी ना किसी विषय को लेकर झगड़ा,

सुनने मैं यही भी आया है कि अध्यक्ष पुत्र को अपने व्यवहार के चक्कर में कर्मचारियों से मुंह की खानी पड़ी

नगर के लोगों का कहना है कि हनुमान मंदिर से सिविल अस्पताल लखनादौन की ओर जाने वाली सड़क इतनी साफ बनी है कि जैसे ही राहगीर उस सड़क पर चढ़ते हैं और सीधे अस्पताल पहुंच जाते है और कितनी उपलब्धियां है ऐसी अध्यक्ष पुत्र के पास वार्ड नंबर 05 की नलियों का निर्माण हुए लग भाग ढाई वर्ष हो गए लेकिन ठेकेदार की पेमेट तक नहीं हो पाई में हु दो साल बेमिसाल,

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