सात डिग्री की ठंड में भी न्याय की आग: प्रशासन की चुप्पी के बीच तीसरे दिन भी जारी अनिश्चितकालीन धरना
नरसिंहपुर/
क्षमा और समन्वय स्थापित करने में नाकाम रहा जिला प्रशासन, जबकि तापमान सात डिग्री तक गिर जाने के बावजूद न्याय की मांग को लेकर संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा। नरसिंहपुर जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनीता पटेल का धरना आज तीसरे दिन भी पूरे जोश और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ वे अनिश्चितकालीन धरने पर डटी हुई हैं।
कांग्रेस का साफ कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष या निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज में न्याय, कानून की समानता और प्रशासनिक मनमानी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यदि एक वरिष्ठ अधिकारी के आचरण पर भी कार्रवाई नहीं होती, तो आम नागरिकों को न्याय की उम्मीद कैसे होगी।
क्या है पूरा मामला
कुछ दिनों पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें नरसिंहपुर जिला पंचायत के सीईओ एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गजेंद्र नागेश पर एक बुजुर्ग कर्मकांडी ब्राह्मण के साथ अभद्रता करने और एक युवक को थप्पड़ मारने के गंभीर आरोप सामने आए थे। वीडियो के वायरल होते ही पूरे जिले में आक्रोश फैल गया। ब्राह्मण समाज ने भी इस मामले को लेकर ज्ञापन सौंपा।
हालांकि, इसके बाद सोशल मीडिया पर कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा सीईओ के पक्ष में वीडियो वायरल किए गए, जिससे मामला और अधिक तूल पकड़ गया। इससे जिले में यह सवाल गूंजने लगा कि क्या प्रशासनिक सेवा में उच्च पद पर बैठा अधिकारी नरसिंहपुर की धरती पर इस तरह के व्यवहार के बाद भी जवाबदेह नहीं होगा?
“यह दो व्यक्तियों का नहीं, पूरे जिले के सम्मान का सवाल”
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनीता पटेल और वरिष्ठ नेता सुरेंद्र पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मामला न तो किसी पद का है और न ही केवल दो पीड़ित व्यक्तियों का, बल्कि पूरे जिले के स्वाभिमान और सम्मान का है।
उन्होंने मांग की कि जिला पंचायत सीईओ सार्वजनिक रूप से जिलेवासियों से माफी मांगें और इस प्रकरण पर विराम लगाएं।
30 तारीख को दिए गए ज्ञापन पर प्रशासन की चुप्पी के बाद, अपने वचन के अनुसार सुनीता पटेल 5 तारीख (सोमवार) से धरने पर बैठी हैं।
बातचीत हुई, नतीजा शून्य
मंगलवार को एसडीएम की पहल पर प्रदर्शनकारियों और जिला प्रशासन के बीच संवाद का रास्ता बना। कलेक्टर कक्ष में बातचीत भी हुई, लेकिन कोई ठोस और निर्णायक परिणाम नहीं निकल पाया।
वहीं, जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश द्वारा वीडियो जारी करने का आश्वासन भी अब तक पूरा नहीं हुआ, जिससे प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया है।


