हमारा भविष्य खराब मत करो’: उज्जैन में स्कूल शिफ्टिंग के खिलाफ सड़क पर उतरीं 350 छात्राएं, कलेक्ट्रेट में रो पड़ीं
शहर से दूर स्कूल स्थानांतरित करने के फैसले का कड़ा विरोध
कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्राओं ने लगाई न्याय की गुहार, सुरक्षा और दूरी को लेकर जताई चिंता
प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, फैसला वापस लेने की मांग
उज्जैन:
उज्जैन में अपने स्कूल को शहर से दूर स्थानांतरित (शिफ्ट) किए जाने के फैसले के विरोध में छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को लगभग 350 से अधिक छात्राओं ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अपनी पढ़ाई और भविष्य की चिंता में कई छात्राएं कलेक्ट्रेट परिसर में ही फूट-फूटकर रो पड़ीं। छात्राओं ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा— “कृपया हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ मत कीजिए।”
दूरी और सुरक्षा को लेकर बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि वर्तमान में उनका स्कूल शहर के मध्य में स्थित है, जिससे वहां आना-जाना सुरक्षित और आसान है। प्रशासन द्वारा स्कूल को शहर की सीमा से काफी दूर किसी सुनसान या बाहरी इलाके में ले जाया जा रहा है।
छात्राओं ने अपनी मुख्य चिंताएं जाहिर करते हुए कहा:
सुरक्षा का खतरा: नए स्थान पर आने-जाने के दौरान हादसों और असामाजिक तत्वों का डर बना रहेगा।
आवागमन की समस्या: रोज लंबी दूरी तय करने के लिए उचित और सस्ता सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है।
आर्थिक बोझ: शहर से बाहर जाने पर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर ट्रांसपोर्ट का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा, जिससे कई लड़कियों की पढ़ाई तक छूट सकती है।
“हम पढ़ना चाहती हैं, लेकिन स्कूल को इतनी दूर भेज दिया जाएगा तो हमारे परिजन हमें सुरक्षा कारणों से भेजना बंद कर देंगे। हमारा भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।”
— प्रदर्शनकारी छात्रा
कलेक्ट्रेट में भावुक माहौल, ज्ञापन सौंपा
कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची छात्राओं की आंखें अपने हक की बात रखते-रखते नम हो गईं। अधिकारियों के सामने बिलखती छात्राओं को देख वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया। छात्राओं ने एक स्वर में मांग की कि स्कूल को उसके वर्तमान स्थान पर ही रहने दिया जाए या फिर पास ही किसी सुरक्षित स्थान पर विकल्प तलाशा जाए।
छात्राओं ने वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि छात्राओं की समस्याओं और सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखकर इस मामले की समीक्षा की जाएगी।
आगे क्या?
छात्राओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके हित में जल्द फैसला नहीं लिया गया और स्कूल शिफ्टिंग का निर्णय रद्द नहीं हुआ, तो वे अपनी पढ़ाई और सुरक्षा के अधिकार के लिए और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
