
लखीमपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नौसर जोगी गांव निवासी विपिन गुप्ता अपनी गोद में नवजात का शव झोले में रखकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। यह नजारा देखकर जिला मुख्यालय पर अफरा-तफरी मच गई।
पीड़ित पिता ने रोते हुए CDO अभिषेक सिंह और CMO डॉ. संतोष गुप्ता को बताया कि महेवागंज के गोलदार अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज की जगह लगातार पैसे की मांग की। 25 हजार रुपए की डिमांड की गई, जबकि विपिन केवल 5 हजार रुपए ही तुरंत दे सका। आरोप है कि रकम पूरी न मिलने पर डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं किया और गर्भ में पल रहे बच्चे की जान चली गई।
👉 महिला को बाद में गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत शिशु को ऑपरेशन कर बाहर निकाला। फिलहाल प्रसूता की हालत नाजुक बनी हुई है।
📌 प्रशासन की कार्रवाई
DM दुर्गा शक्ति नागपाल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
CMO डॉ. संतोष गुप्ता ने गोलदार अस्पताल को सील करा दिया।
अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को सुरक्षित जिला महिला अस्पताल शिफ्ट किया गया।
DM ने कहा, “जिले का हर व्यक्ति मेरा परिवार है। पीड़िता का इलाज प्रशासन कराएगा और उसका पूरा खर्च मैं स्वयं उठाऊंगी।”
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि गोलदार हॉस्पिटल के डॉक्टर मनीष गुप्ता और हुकुमा गुप्ता की लालच और लापरवाही से उनके बच्चे की मौत हुई। उन्होंने भ्रूण हत्या और जान जोखिम में डालने का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।