नई दिल्ली (लाइव डेस्क):नई दिल्ली (लाइव डेस्क):
देश में हवाई यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में एयरलाइंस कंपनियों द्वारा टिकटों के दाम मनमाने तरीके से बढ़ाए जाने पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र सरकार और नागर विमानन मंत्रालय को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर हवाई किराये की ऊपरी सीमा (Cap on Airfares) तय करने वाले नियमों को अंतिम रूप दें।
सरकार की 3 हफ्ते की मांग ठुकराई
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत से नियमों को ड्राफ्ट और फाइनल करने के लिए 3 हफ्ते का समय मांगा गया था। सरकार का तर्क था कि विभिन्न हितधारकों (Stakeholders) और एयरलाइंस कंपनियों से चर्चा के लिए कुछ वक्त की आवश्यकता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आम जनता लंबे समय से एयरलाइंस की इस मनमानी और लूट का शिकार हो रही है, इसलिए इस मामले में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों को हर हाल में एक सप्ताह के भीतर लागू करना होगा।
नियम न मानने पर प्लेन खड़े करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने केवल समय सीमा ही तय नहीं की, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाली एयरलाइंस कंपनियों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। अदालत ने विमानन मंत्रालय और रेगुलेटर DGCA से कहा कि यदि नियमों के लागू होने के बाद भी कोई एयरलाइंस कंपनी तय सीमा से अधिक किराया वसूलती है या नियमों को मानने से इनकार करती है, तो उसके विमानों को तुरंत प्रभाव से ग्राउंडेड (उड़ान पर रोक) कर दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि जब तक सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक विमानन कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाना नामुमकिन है।
त्योहारी सीजन से पहले आम जनता को मिलेगी राहत
गौरतलब है कि देश में दीवाली, छठ, ईद और अन्य बड़े त्योहारों के दौरान या अचानक आई किसी आपदा (जैसे बाढ़ या अन्य इमरजेंसी) के समय एयरलाइंस कंपनियां टिकटों के दाम 4 से 5 गुना तक बढ़ा देती हैं। इसके चलते मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए हवाई सफर करना बजट से बाहर हो जाता है। सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक आदेश के बाद अब सरकार को जल्द ही नया रेंटल कैपिंग मैकेनिज्म लागू करना होगा। इससे आगामी त्योहारों के सीजन में घर जाने वाले हवाई यात्रियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।


