देश के करोड़ों मोबाइल फोन ग्राहकों की जेब पर एक बार फिर से अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। भारतीय दूरसंचार बाजार की तीन प्रमुख निजी कंपनियां—रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया—अपने प्री-पेड और पोस्ट-पेड रिचार्ज प्लान्स की दरों में नई बढ़ोतरी करने की योजना बना रही हैं।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियों का पूरा ध्यान अब प्रति उपभोक्ता औसत राजस्व (ARPU) को मजबूत करने और नेटवर्क विस्तार पर हुए भारी खर्च की भरपाई करने पर केंद्रित है।अभी रिचार्ज का क्या हाल है?
कंपनियों ने हाल के दिनों में बिना कोई शोर मचाए अपने कई सस्ते प्लान बंद कर दिए हैं। इससे आम ग्राहकों की जेब पर पहले ही असर पड़ चुका है:
अभी रिचार्ज का क्या हाल है?
कंपनियों ने हाल के दिनों में बिना कोई शोर मचाए अपने कई सस्ते प्लान बंद कर दिए हैं। इससे आम ग्राहकों की जेब पर पहले ही असर पड़ चुका है:
एयरटेल: एयरटेल ने अपना सबसे सस्ता और लोकप्रिय ₹299 वाला प्लान बंद कर दिया है। अब अगर आपको रोजाना डेटा चाहिए, तो कम से कम ₹349 का रिचार्ज कराना ही पड़ेगा। यानी सीधे-सीधे ₹50 का झटका।
रिलायंस जिओ: जिओ ने भी अपने शुरुआती प्लान्स की कीमतें ₹249 से ₹299 के बीच सेट कर दी हैं। इसके अलावा, फ्री 5G डेटा का फायदा अब सिर्फ महंगे प्लान्स (₹349 या उससे ऊपर) पर ही दिया जा रहा है।
वोडाफोन-आइडिया (Vi): Vi का 84 दिन वाला 1.5GB daily डेटा प्लान अब ₹859 का हो चुका है, जबकि 28 दिन वाले प्लान ₹269 से ₹299 के बीच मिल रहे हैं।
आगे कितना बढ़ सकता है खर्च?
मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो आने वाले कुछ ही हफ्तों में कंपनियां रेट में 12% से 20% तक की और बढ़ोतरी कर सकती हैं:
₹40 से ₹80 तक की सीधी बढ़ोतरी: जो रिचार्ज अभी आपको ₹299 या ₹349 में मिल रहा है, वो आने वाले दिनों में ₹380 से ₹400 के आसपास पहुंच सकता है।
5G के लिए देने होंगे अलग से पैसे: अब तक कंपनियों ने 5G डेटा लगभग फ्री में बांटा है, लेकिन अब इसके लिए अलग से ‘5G स्पेशल पैक’ लेना अनिवार्य किया जा सकता है।
आखिर कंपनियां रेट क्यों बढ़ा रही हैं?
5G बिछाने का खर्च: कंपनियों ने पूरे देश में 5G के टावर लगाने और स्पेक्ट्रम खरीदने में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अब वे इस निवेश की भरपाई ग्राहकों से करना चाहती हैं।
ARPU (हर ग्राहक से कमाई) बढ़ाने की होड़: एयरटेल अभी एक ग्राहक से औसतन ₹260, जिओ ₹215 और Vi ₹177 कमाती है। तीनों ही कंपनियां इस कमाई को बढ़ाकर ₹300 तक ले जाना चाहती हैं।
महंगाई और मेंटेनेंस: नेटवर्क को चलाए रखने, टावरों के बिजली बिल और मेंटेनेंस का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर बात साफ है—आने वाले दिनों में मोबाइल फोन चलाना थोड़ा और महंगा होने वाला है। अगर आपका कोई पसंदीदा प्लान अभी उपलब्ध है, तो समय रहते उसकी वैलिडिटी बढ़ा लेना ही समझदारी होगी।


