Sunday, October 4, 2026

TOP NEWS

परमवीर चक्र विजेता निर्मल...

परमवीर चक्र विजेता निर्मल जीत सिंह सेखों की शौर्यगाथा को नमन, 5000 से...

दिल्ली: इंडिया गेट पर...

दिल्ली के इंडिया गेट पर आम आदमी पार्टी (AAP) का जोरदार प्रदर्शन। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने बोला धावा, पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें NTV TIME पर।

“जीतू पटवारी की राजनीति...

इंदौर भाजपा नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर बड़ा हमला, कहा- उनकी राजनीति राखी सावंत जैसी है, सिर्फ सुर्खियों में रहने के लिए करते हैं ड्रामा। पूरी खबर पढ़ें NTV TIME पर।

पीथमपुर में ‘सेवा सेतु...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )एनटीवी टाइम न्यूज पीथमपुर/ नगर पालिका परिषद पीथमपुर द्वारा...
Homeदेशकांग्रेस 1937 के फैसले पर कायम: 'वंदे मातरम' के पहले दो पद...

कांग्रेस 1937 के फैसले पर कायम: ‘वंदे मातरम’ के पहले दो पद ही गाए जाएंगे, वेणुगोपाल बोले— भाजपा के लिए यह राजनीति, हमारे लिए आस्था

कांग्रेस 1937 के फैसले पर कायम: ‘वंदे मातरम’ के पहले दो पद ही गाए जाएंगे, वेणुगोपाल बोले— भाजपा के लिए यह राजनीति, हमारे लिए आस्था
नई दिल्ली:
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने पार्टी का रुख साफ करते हुए स्पष्ट किया है कि कांग्रेस 1937 में लिए गए ऐतिहासिक फैसले के अनुसार ही राष्ट्रगीत के पहले दो पदों (पैराग्राफ) का गायन जारी रखेगी। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्रगीत एक राजनीतिक मुद्दा है, जबकि कांग्रेस के लिए यह देश की भावना और आस्था से जुड़ा विषय है।
1937 के ऐतिहासिक प्रस्ताव का संदर्भ
के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि 1937 में पंडित जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर सहित वरिष्ठ नेताओं की समिति ने ‘वंदे मातरम’ के पहले दो पैराग्राफ को ही राष्ट्रीय कार्यक्रमों में गाने का निर्णय लिया था। इन दो पदों में भारत माता की प्राकृतिक सुंदरता और ममतामयी स्वरूप का वर्णन है, जो देश के हर वर्ग और समुदाय को एक सूत्र में पिरोता है। कांग्रेस आज भी उसी परंपरा और संवैधानिक भावना का सम्मान करते हुए इस फैसले पर कायम है।
भाजपा की राजनीति पर करारा हमला
कांग्रेस महासचिव ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसे प्रतीकों का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक ध्रुवीकरण और चुनावी लाभ के लिए करती है। उन्होंने कहा कि देशप्रेम और राष्ट्रगीत का सम्मान दिल में होता है, इसे किसी पर जबरन थोपकर राजनीतिक लाभ उठाना भाजपा की कार्यशैली बन चुकी है। कांग्रेस राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान करती है और इसकी गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या है मुख्य विवाद?
गौरतलब है कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर समय-समय पर सियासी बयानबाजी होती रही है। भाजपा का तर्क रहता है कि पूरे राष्ट्रगीत का गायन किया जाना चाहिए, जबकि कांग्रेस अपने 1937 के सर्वसम्मत फैसले का हवाला देते हुए पहले दो पदों के गायन को ही सर्वधर्म समभाव और राष्ट्रीय एकता के अनुकूल मानती है। वेणुगोपाल के इस बयान के बाद एक बार फिर राष्ट्रगीत के स्वरूप और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर बहस तेज हो गई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments