Sunday, October 4, 2026

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​Gen-Z को साधेगी मोदी सरकार: हर दिन यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री, युवा आउटरीच का मेगा प्लान तैयार

Gen-Z को साधने के लिए मोदी सरकार का बड़ा प्लान: हर दिन यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री, तैयार हुआ मेगा रोडमैप
नई दिल्ली:
आगामी चुनावों और देश के युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र की मोदी सरकार एक बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत मोदी कैबिनेट के मंत्री रोजाना देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों का दौरा करेंगे और ‘Gen-Z’ (युवा पीढ़ी) से सीधे संवाद स्थापित करेंगे। सरकार ने इस मेगा आउटरीच प्रोग्राम का पूरा खाका तैयार कर लिया है।
युवाओं से सीधा संवाद, पॉलिसी और विजन पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 18 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं तक पहुंचना है। केंद्रीय मंत्री प्रतिदिन किसी न किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में जाकर छात्रों से सीधे मिलेंगे। इस दौरान मंत्रियों का ध्यान केवल भाषण देने पर नहीं, बल्कि युवाओं के सुझावों को सुनने, उनकी अपेक्षाओं को समझने और केंद्र सरकार की नीतियों, डिजिटल पहलों व ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को उनके सामने रखने पर होगा।
क्या है सरकार की प्लानिंग?
दैनिक दौरे: हर दिन कम से कम एक केंद्रीय मंत्री देश के किसी प्रमुख विश्वविद्यालय (केंद्रीय, राज्य या निजी संस्थान) में मौजूद रहेंगे।
टाउनहॉल और इंटरेक्टिव सेशन: पारंपरिक रैलियों या भाषणों के बजाय टाउनहॉल फॉर्मेट में संवाद होगा, ताकि छात्र सीधे प्रश्न पूछ सकें।
फीडबैक मैकेनिज्म: युवाओं से मिले सुझावों और फीडबैक को संकलित कर मंत्रालयों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे भविष्य की नीतियों में युवाओं की प्राथमिकताओं को शामिल किया जा सके।
Gen-Z पर फोकस क्यों?
भारत की कुल आबादी में युवाओं का एक बड़ा हिस्सा शामिल है, जो पहली बार वोटर बन रहे हैं या करियर की शुरुआत कर रहे हैं। इस वर्ग का राजनीतिक सोच और सोशल मीडिया पर रुख काफी असरदार माना जाता है। केंद्र सरकार की कोशिश है कि स्टार्टअप्स, रोजगार, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर युवाओं के साथ सीधी बातचीत की जाए ताकि उनके साथ जुड़ाव को और मजबूत बनाया जा सके। जल्द ही इस अभियान की आधिकारिक तारीखों और मंत्रियों के दौरे का पूरा शेड्यूल जारी किया जाएगा।

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