नई दिल्ली: 19 अगस्त की देर रात भारतीय कमोडिटी बाजार (MCX) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सोने और चांदी की कीमतों में अचानक एक ज़बरदस्त तूफानी तेजी दर्ज की गई। रात 10 बजे के बाद शुरू हुआ यह उछाल रात 11 से 12 बजे के बीच अपने चरम पर पहुंच गया। इस दौरान सोने की कीमतों में ₹3,861 और चांदी में ₹4,610 प्रति किलोग्राम तक की भारी बढ़त देखी गई।
अमेरिकी सेंट्रल बैंक (US Fed) के मिनट्स बने बड़ी वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस अचानक आई तेजी का सीधा संबंध रात करीब 11:30 बजे जारी हुए अमेरिकी सेंट्रल बैंक (Federal Reserve) की हालिया बैठक के मिनट्स (Meeting Minutes) से है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती या ढील देने के संकेतों की सुगबुगाहट के चलते वैश्विक स्तर पर डॉलर में कमजोरी देखी गई, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा। सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने-चांदी की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक तेजी से बढ़ी, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
इस उछाल के पीछे दूसरा बड़ा कारण घरेलू मुद्रा (रुपये) का रिकॉर्ड स्तर तक गिरना भी माना जा रहा है। देर रात अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार 88 के स्तर को पार कर गया। रुपया कमजोर होने के कारण भारत के लिए सोने और चांदी का आयात महंगा हो जाता है, जिससे स्थानीय स्तर पर इनकी कीमतों को और हवा मिली।
कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के रुख और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए आने वाले दिनों में सराफा बाजार में यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि डॉलर में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव इसी तरह बना रहा, तो सोना और चांदी आने वाले सत्रों में नए रिकॉर्ड स्तर को छू सकते हैं। खुदरा खरीदारों और निवेशकों को फिलहाल बाजार की चाल पर पैनी नजर रखने की सलाह दी गई है।


