अहिल्या पथ का विरोध: इंदौर में IDA दफ्तर पर किसानों का हल्लाबोल, जमीन सौदों पर रोक से भड़के अन्नदाता
इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) की ‘अहिल्या पथ’ योजना को लेकर शहर में विवाद गहरा गया है। योजना के दायरे में आने वाले 8 गांवों की जमीनों के सौदों और डायवर्जन पर रोक लगाए जाने से नाराज हजारों किसानों ने इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) कार्यालय का घेराव कर दिया। किसानों ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि इस जनविरोधी फैसले और योजना को तुरंत निरस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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क्या है पूरा मामला?
इंदौर विकास प्राधिकरण ने अहिल्या पथ योजना के लिए करीब 1400 हेक्टेयर कृषि भूमि को चिन्हित किया है। इस योजना के नोटिफिकेशन के बाद से ही इन 8 गांवों में जमीनों की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री और जमीन का डायवर्जन (कृषि से व्यावसायिक/आवासीय बदलना) पूरी तरह से रोक दिया गया है।
किसानों की प्रमुख मांगें और नाराजगी
- जमीन बेचने पर पाबंदी क्यों?: किसानों का कहना है कि इस रोक के कारण वे अपनी ही जमीन की रजिस्ट्री या सौदा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति संकट में आ गई है।
- योजना को निरस्त करने की मांग: किसानों और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने मांग की है कि अहिल्या पथ योजना को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।
- सस्ते में जमीन हड़पने का आरोप: प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि विकास के नाम पर किसानों की कीमती उपजाऊ जमीन को कौड़ियों के दाम पर लेने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारी पुलिस बल तैनात
हजारों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और वाहनों के साथ पहुंचे किसानों के कारण IDA दफ्तर के बाहर भारी जाम लग गया। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। किसानों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने ज्ञापन लिया और वरिष्ठ स्तर पर बात करने का आश्वासन दिया है। लेकिन किसान इस समय किसी भी समझौते के मूड में नहीं हैं और आर-पार की लड़ाई का एलान कर चुके हैं।
