इंदौर, 17 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अवैध होर्डिंग और पोस्टरों के खिलाफ अभियान चला रहे शहर के चर्चित सोशल मीडिया एक्टिविस्ट प्रहलाद पांडेय के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद बिलख-बिलखकर रोते हुए एक्टिविस्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने स्थानीय विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 के विधायक के समर्थकों पर जानलेवा हमले और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया है।
पूरी घटना: होर्डिंग माफिया के खिलाफ बोल रहे थे प्रहलाद पांडेय
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम (16 सितंबर) को प्रहलाद पांडेय इंदौर के मरीमाता चौराहे पर नगर निगम की कथित भेदभावपूर्ण रिमूवल कार्रवाई और शहर को बदरंग कर रहे राजनेताओं के अवैध होर्डिंग्स-बैनरों के खिलाफ लाइव वीडियो बना रहे थे।
सोशल मीडिया पर जारी अपनी आपबीती में प्रहलाद पांडेय ने रोते हुए कहा:
“मैं इंदौर शहर को बचाने के लिए और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के खिलाफ पिछले तीन महीनों से लगातार आवाज उठा रहा था। इसी दौरान विधायक के करीब 15 लोग वहां आ धमके। उन्होंने मुझे चारों तरफ से घेरकर बेरहमी से पीटा। मेरा मोबाइल फोन छीन लिया गया, मेरी माइक आईडी और रिकॉर्डिंग डिवाइस को तोड़ दिया गया। हमलावरों ने मोबाइल से वो सारे वीडियो भी जबरन डिलीट कर दिए, जिन्हें मैंने रिकॉर्ड किया था।”
रीगल चौराहे पर पत्नी के साथ शुरू किया ‘बुद्धि-शुद्धि उपवास’
इस हमले और अभद्रता के तुरंत बाद प्रहलाद पांडेय अपनी पत्नी और साथी एक्टिविस्ट संगीता पांडेय के साथ इंदौर के रीगल चौराहे पहुंचे। दोनों महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए हैं।
प्रहलाद पांडेय का कहना है कि वे हमलावरों की बुद्धि की शुद्धि के लिए और इंदौर नगर निगम द्वारा होर्डिंग माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न किए जाने के विरोध में यह ‘बुद्धि-शुद्धि उपवास’ कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि शहर को बदरंग करने वाले सभी अवैध होर्डिंग हटाए जाएं और प्रशासन इस गुंडागर्दी पर तुरंत संज्ञान ले। इस घटना के बाद कई स्थानीय सामाजिक संगठन और विपक्षी दलों के लोग भी उनके समर्थन में आ गए हैं।
अधिकारियों और पुलिस की जांच जारी
प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी इंदौर में अपनी बेबाक सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले जुलाई 2026 में वे कैबिनेट मंत्री के बंगले के बाहर संविधान की प्रति लेकर प्रदर्शन करने के कारण भी सुर्खियों में आए थे।
इस ताजा मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मरीमाता चौराहे के आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। वहीं, इस गंभीर आरोप पर विधायक गुट अथवा उनके कार्यालय की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
