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अमित शाह भोपाल दौरा: कांग्रेस पर बरसे गृहमंत्री, MP को दिया 50 लाख लीटर दूध का टारगेट

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय ‘गोपालक सम्मेलन’ को संबोधित किया। भेल (BHEL) दशहरा मैदान में जुटे हजारों पशुपालकों और किसानों के सामने शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और राज्य में श्वेत क्रांति (White Revolution) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का बड़ा रोडमैप सामने रखा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

1. कांग्रेस ने सहकारिता आंदोलन को सिर्फ चुनावी हथियार बनाया

जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी कांग्रेस ने देश के किसानों और गोपालकों की सुध नहीं ली। उन्होंने कभी अलग से सहकारिता मंत्रालय बनाने की जरूरत नहीं समझी, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि गरीब सीधे तौर पर आत्मनिर्भर बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने बिचौलियों को खत्म कर दूध का सही दाम सीधे गोपालकों के बैंक खातों में पहुंचाया है।”

2. मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपा ’50 लाख लीटर’ का नया लक्ष्य

मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और सहकारिता के क्षेत्र में हो रहे बदलावों की तारीफ करते हुए अमित शाह ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया।

  • उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम को राज्य में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का नया टारगेट दिया।
  • इस अभियान को गति देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश को उच्च नस्ल की ‘गीर’ और ‘साहिवाल’ गायों की सौगात देने का ऐलान किया गया।
  • शाह ने कहा कि दुग्ध संघों (सांची) के आधुनिकीकरण के लिए अत्याधुनिक डेयरी टेस्टिंग लैब और नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

3. तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय, थानों के चक्करों से मिलेगी मुक्ति

पशुपालक सम्मेलन से इतर, अमित शाह ने भोपाल में नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता – BNS) पर आधारित पुलिस प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। देश की कानून व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा:

  • “देश में अंग्रेजों के जमाने के कानून खत्म हो चुके हैं। अब नई न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले तक की प्रक्रिया अधिकतम 3 साल में पूरी हो जाएगी।“
  • उन्होंने बताया कि ई-साक्ष्य, ऑनलाइन सुनवाई और फोरेंसिक जांच को अनिवार्य बनाकर न्याय प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया गया है।

पशुपालकों और ‘गोपालक दीदियों’ को मिली बड़ी सौगात

इस भव्य सम्मेलन के दौरान मंच से केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने पशुपालकों को सीधे तौर पर बोनस राशि और आर्थिक सहायता का वितरण किया। साथ ही, पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ‘गोपालक दीदियों’ को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के तहत नए स्वीकृति पत्र भी सौंपे गए।

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