उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में एक बार फिर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाएं लड़खड़ाती नजर आईं। शुक्रवार शाम को मंदिर के समीप हरसिद्धि चौराहे पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दबाव के कारण सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स धराशायी हो गए। बैरिकेड्स गिरते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
गौरतलब है कि पिछले डेढ़ महीने के भीतर महाकाल मंदिर क्षेत्र में अव्यवस्था की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने मंदिर प्रशासन के ‘क्राउड मैनेजमेंट’ के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले नागपंचमी पर्व के दौरान भी भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण ऐसी ही स्थिति निर्मित हुई थी।
वाहनों की एंट्री और अचानक बढ़ा दबाव बनी मुख्य वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे थे। शाम के समय हरसिद्धि चौराहे के पास अचानक वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही एक साथ बढ़ गई। चौराहे के पास संकीर्ण मार्ग होने के कारण वाहनों का लंबा जाम लग गया। इसी दौरान मंदिर की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं का दबाव इतना बढ़ा कि कतारों को संभालने के लिए लगाए गए लोहे के भारी बैरिकेड्स अचानक नीचे गिर गए।
वीडियो वायरल होने के बाद जागा प्रशासन
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मंदिर प्रबंध समिति और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कतार व्यवस्था को दोबारा सुचारू किया।
व्यवस्थाओं में सुधार: 1 की जगह खोले गए 5 काउंटर
घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने भीड़ को विकेंद्रीकृत (Distribute) करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं।
- काउंटर्स की संख्या बढ़ाई: महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारियों के मुताबिक, हरसिद्धि चौराहे के पास शीघ्र दर्शन (VIP) टिकट के लिए केवल 1 काउंटर संचालित हो रहा था, जिससे वहां भीड़ जमा हो रही थी।
- त्वरित निर्णय: इस अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत वहां टिकट काउंटरों की संख्या 1 से बढ़ाकर 5 कर दी है।
प्रशासन का दावा है कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। हालांकि, बार-बार होने वाली इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने त्योहारों के सीजन को देखते हुए अधिक पुख्ता सुरक्षा इंतजामों की मांग की है।
