UP के झांसी जिले के मऊरानीपुर का मामला; पीड़ित पिता ने कहा- ‘चमत्कार के नाम पर अंधविश्वास फैलाया जा रहा है, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से की शिकायत।’
छतरपुर/झांसी:
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक कथित ‘पुत्र योग’ का दावा भारी विवादों में घिर गया है। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले (मऊरानीपुर) के रहने वाले एक दंपती ने आरोप लगाया है कि धीरेंद्र शास्त्री द्वारा बनाए गए चमत्कारी पर्चे में ‘पुत्र योग’ होने की बात लिखी गई थी, लेकिन उनके घर चौथी संतान के रूप में भी बेटी ने जन्म लिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब वे इस बात की शिकायत लेकर धाम पहुंचे, तो वहां तैनात सेवादारों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें मंच से भगा दिया।
मई 2024 में बना था ‘पुत्र योग’ का पर्चा
मऊरानीपुर के रहने वाले पीड़ित पिता राजेंद्र श्रीवास के अनुसार, वे साल 2024 में अपनी पत्नी की शारीरिक और मानसिक दिक्कतों के इलाज के लिए बागेश्वर धाम गए थे। कई चक्कर लगाने के बाद मई 2024 में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनका एक पर्चा तैयार किया।
राजेंद्र का दावा है कि उस पर्चे में लिखा था कि उनकी पत्नी को प्रेत बाधा की समस्या है और आगे चलकर ‘पुत्र योग बनता है’। दंपती की पहले से ही तीन बेटियां थीं। पर्चे पर बाबा की भविष्यवाणी देखकर उन्होंने बेटे की चाह में चौथी संतान की योजना बनाई।
11 जून को चौथी बेटी का हुआ जन्म, बाबा बोले- ‘तुमसे ही गलती हुई’
राजेंद्र ने बताया कि 11 जून को उनकी पत्नी ने चौथी संतान के रूप में फिर से एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद जब वे 19 सितंबर को अपनी नवजात बेटी और उस कथित पर्चे को लेकर बागेश्वर धाम के दरबार में पहुंचे, तो वहां उनके सवाल उठाने पर बाबा ने कथित तौर पर कहा, “तुमसे ही कोई गलती हुई होगी”। जब पीड़ित ने विरोध जताया, तो दरबार में मौजूद सेवादारों ने उन्हें जबरन वहां से हटा दिया।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति का बाबा को 1 करोड़ का चैलेंज
इस घटना से आहत होकर पीड़ित पिता ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (ANIS) से संपर्क किया है। समिति ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री को अपना चमत्कार साबित करने के लिए 1 करोड़ रुपये की खुली चुनौती दी है। राजेंद्र अब इस मामले की शिकायत झांसी पुलिस में दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
‘बेटी से शिकायत नहीं, लेकिन अंधविश्वास के खिलाफ लड़ूंगा’
राजेंद्र ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया, “मुझे अपनी चौथी बेटी से कोई शिकायत नहीं है। मैं उसे पढ़ा-लिखाकर बड़ा अधिकारी बनाऊंगा। लेकिन मैं यह बात इसलिए सामने ला रहा हूं ताकि लोग ऐसे झूठे दावों और अंधविश्वास के जाल में न फंसें।”
(नोट: इस मामले पर अभी तक बागेश्वर धाम प्रबंधन या पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से कोई आधिकारिक सफाई या बयान सामने नहीं आया है।)
