जबलपुर (मध्य प्रदेश): गोल्ड लोन की बकाया किश्तें वसूलने पहुंचे एक राष्ट्रीयकृत बैंक के शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) पर कर्जदार और उसके साथियों द्वारा जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने बातचीत के दौरान बैंक मैनेजर के चेहरे पर मुक्का मारकर उनकी नाक की हड्डी तोड़ दी और मौके से 16,000 रुपये की रिकवरी राशि लूटकर फरार हो गए। पूरी घटना जबलपुर के कैंट (सदर) थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट और लूट का आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का पूरा विवरण
घायल अधिकारी मनीष संज्ञा हैं, जो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (ग्वारीघाट शाखा) में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ हैं। मुख्य आरोपी की पहचान सतीश अग्रवाल के रूप में हुई है, जो कैंट के सदर गली नंबर-9 का निवासी है। सतीश अग्रवाल ने यूनियन बैंक की शाखा में अपना सोना जमा कराकर गोल्ड लोन लिया था। लोन लेने के बाद उसने लंबे समय से बैंक की किश्तें जमा नहीं की थीं। बैंक द्वारा लगातार नोटिस और फोन पर रिमाइंडर भेजने के बाद भी जब कोई भुगतान नहीं हुआ, तो बैंक प्रबंधन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत सीधे संपर्क करने का निर्णय लिया।
नोटिस देने पहुंचे मैनेजर पर हमला
मंगलवार शाम को बैंक मैनेजर मनीष संज्ञा कानूनी नोटिस सौंपने और लोन रिकवरी के सिलसिले में खुद सतीश अग्रवाल के सदर स्थित आवास पर पहुंचे थे। जब मैनेजर ने बकाया किश्तों के भुगतान को लेकर सतीश से बात शुरू की, तो वह अचानक भड़क गया। बातचीत देखते ही देखते विवाद में बदल गई। सतीश और उसके साथियों ने बैंक मैनेजर के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और इसी दौरान आरोपी ने मनीष संज्ञा के चेहरे पर पूरी ताकत से मुक्का जड़ दिया। मुक्का सीधे नाक पर लगने के कारण मैनेजर की नाक की हड्डी टूट गई और अत्यधिक खून बहने लगा।
₹16,000 की लूट और पुलिस कार्रवाई
हमले के दौरान आरोपियों ने बैंक मैनेजर के पास मौजूद 16,000 रुपये की नगदी भी जबरन छीन ली, जो वह दूसरी जगह से रिकवरी करके लाए थे। लूलहान हालत में पीड़ित मैनेजर किसी तरह कैंट थाने पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। बैंक मैनेजर पर हमले की खबर मिलते ही जबलपुर के अन्य बैंक कर्मचारी और उनके साथी अधिकारी भी भारी संख्या में कैंट थाने पहुंच गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर रोष व्यक्त किया।
कैंट थाना पुलिस के अनुसार, बैंक मैनेजर मनीष संज्ञा की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी सतीश अग्रवाल और उसके साथियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने और लूट की सुसंगत धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं।
