युसमर्ग एनकाउंटर: पुंछ IAF काफिले पर हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी लश्कर आतंकी ‘यासीर’ ढेर, पहलगाम हमले के बाद सामने आई थी तस्वीर
श्रीनगर:
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के युसमर्ग सेक्टर में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी रणनीतिक कामयाबी मिली है। पीर पंजाल रेंज की अत्यधिक ऊंची पहाड़ियों में चले एक संयुक्त सैन्य अभियान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के खूंखार पाकिस्तानी कमांडर यासीर को मार गिराया गया है। मारा गया आतंकवादी यासीर इसी साल मई महीने में पुंछ के सुरनकोट इलाके में भारतीय वायुसेना (IAF) के काफिले पर घात लगाकर किए गए भीषण हमले में सीधे तौर पर शामिल था, जिसमें वायुसेना के एक जवान शहीद हो गए थे।
15,000 फीट की ऊंचाई पर कड़ा मुकाबला
सैन्य सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला था कि पाकिस्तानी घुसपैठियों का एक दस्ता नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर पीर पंजाल के रास्ते मध्य कश्मीर में दाखिल होने की कोशिश कर रहा है। इस सटीक सूचना के बाद भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR), स्पेशल फोर्सेज (Para) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने युसमर्ग के ऊंचे पहाड़ी दर्रों में ‘ऑपरेशन अश्दर’ शुरू किया।
यह मुठभेड़ समुद्र तल से लगभग 12,000 से 15,500 फीट की दुर्गम ऊंचाई पर हुई। घने कोहरे, लगातार हो रही बारिश और बेहद कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के बीच सुरक्षा बलों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। लेकिन आतंकियों ने घेराबंदी तोड़कर भागने के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने सटीक निशाना साधते हुए लश्कर कमांडर यासीर को मौके पर ही ढेर कर दिया। मुठभेड़ स्थल से एक अत्याधुनिक AK-सीरीज राइफल, मैगजीन और भारी मात्रा में युद्ध जैसा गोला-बारूद बरामद हुआ है।
वायुसेना हमले समेत कई बड़ी वारदातों का था मुख्य सूत्रधार
सुरक्षा एजेंसियों के डोजियर के मुताबिक, मारा गया पाकिस्तानी नागरिक यासीर जम्मू-कश्मीर में आतंक का नया चेहरा बन चुका था। वह मुख्य रूप से इन बड़ी आतंकी घटनाओं का मास्टरमाइंड था:
- पुंछ एयरफोर्स काफिला हमला (मई 2024): सुरनकोट के शाहसितार इलाके में वायुसेना के वाहनों पर की गई अंधाधुंध फायरिंग, जिसमें कॉर्पोरेल विक्की पहाड़े शहीद हुए थे।
- गगनगीर (सोनमर्ग) हमला: इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में काम कर रहे गैर-स्थानीय मजदूरों और एक डॉक्टर सहित 7 बेगुनाह नागरिकों की टारगेट किलिंग।
- बोटा पाथरी हमला: गुलमार्ग के पास सेना की गाड़ी को निशाना बनाना, जिसमें तीन जवान और दो सिविलियन पोर्टर शहीद हो गए थे।
पहलगाम हमले के बाद वायरल तस्वीर से खुला था राज
खुफिया सूत्रों के अनुसार, यासीर पूर्व में मारे गए लश्कर के टॉप कमांडर सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा का बेहद करीबी सहयोगी था। मूसा ने ही पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए बड़े हमले की साजिश रची थी। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ एक गुप्त तस्वीर लगी थी, जिसमें यासीर अपने एक अन्य साथी के साथ हथियारों से लैस नजर आ रहा था। इसी तस्वीर के आधार पर सुरक्षा बलों ने उसकी प्रोफाइलिंग की और लगातार उसकी लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा था।
चट्टानों और प्राकृतिक गुफाओं में सर्च ऑपरेशन जारी
सेना की चिनार कॉर्प्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मारे गए आतंकी यासीर का एक और साथी, जो सोशल मीडिया पर आई तस्वीर में उसके साथ देखा गया था, अभी भी इसी पहाड़ी बेल्ट की प्राकृतिक गुफाओं में छिपा हुआ है। सुरक्षा बलों ने पूरे पीर पंजाल बेल्ट की घेराबंदी सख्त कर दी है और आधुनिक ड्रोन्स व थर्मल इमेजर की मदद से सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि सीमा पार भागने के उसके सभी रास्ते बंद किए जा सकें।



