कर्ज वसूली के नाम पर हैवानियत: बेंगलुरु में महिला को बंधक बनाकर डंडों से पीटा, निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने के आरोप में दो महिलाओं समेत 3 गिरफ्तार
बेंगलुरु:
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के चंद्रा लेआउट थाना क्षेत्र से वित्तीय लेनदेन के विवाद में उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मात्र 1.5 लाख रुपये के कर्ज और उसके ब्याज को समय पर न चुका पाने के कारण एक 30 वर्षीय महिला का अपहरण कर लिया गया। पीड़िता को कई दिनों तक बंधक बनाकर न केवल डंडों से बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसे ब्लैकमेल करने की नीयत से जबरन उसके कपड़े उतरवाकर उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।
बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।1.5 लाख रुपये का लोन
पुलिस जांच और पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, महिला ने अपनी गंभीर आर्थिक तंगहाली के चलते करीब दो साल पहले दो अलग-अलग महिलाओं से पैसे उधार लिए थे। उसने रेशमा बानू नाम की महिला से मासिक ब्याज पर 1 लाख रुपये उधार लिए थे। इसके साथ ही, रेशमा के माध्यम से ही नाजथ बेगम नाम की एक अन्य महिला से साप्ताहिक किस्त के आधार पर 50 हजार रुपये का अतिरिक्त लोन लिया था।
1.5 लाख रुपये का लोन
पुलिस जांच और पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, महिला ने अपनी गंभीर आर्थिक तंगहाली के चलते करीब दो साल पहले दो अलग-अलग महिलाओं से पैसे उधार लिए थे। उसने रेशमा बानू नाम की महिला से मासिक ब्याज पर 1 लाख रुपये उधार लिए थे। इसके साथ ही, रेशमा के माध्यम से ही नाजथ बेगम नाम की एक अन्य महिला से साप्ताहिक किस्त के आधार पर 50 हजार रुपये का अतिरिक्त लोन लिया था।
पीड़िता शुरुआत में नियमित रूप से किस्तों का भुगतान कर रही थी। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में उसकी वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो गई, जिसके कारण वह पिछले कुछ हफ्तों से समय पर ब्याज और किस्तें नहीं चुका पा रही थी। तगादे और बढ़ते दबाव से परेशान होकर महिला ने आरोपियों का नंबर ब्लॉक कर दिया और अपनी मां के घर चली गई।
झांसा देकर अपहरण और 11ख की रंगदारी
आरोपियों ने महिला से पैसे वसूलने और उसे सबक सिखाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची। 27 अगस्त को आरोपी नाजथ बेगम ने पीड़िता को झांसा दिया कि वह उसे कुछ घरेलू काम और आर्थिक मदद दिलाएगी। इस झांसे में आकर महिला अपने छोटे बेटे को साथ लेकर मेट्रो लेआउट स्थित नाजथ के घर पहुंच गई।
जैसे ही महिला घर के भीतर दाखिल हुई, वहां पहले से घात लगाए बैठे नाजथ, रेशमा बानू, रेशमा का पति सुहैल और उनका एक अन्य साथी सैफ कमरे में घुस आए। आरोपियों ने तुरंत दरवाजा बंद कर महिला का मोबाइल फोन तोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने मूल राशि और अत्यधिक ब्याज जोड़कर पीड़िता से कुल 11 लाख रुपये की मांग की। पैसे न देने पर महिला और उसके बेटे को जबरन एक ऑटो में बिठाकर कुंबलगोडु स्थित एक सुनसान मकान में ले जाया गया और वहां एक कमरे में कैद कर दिया गया।
निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने और देह व्यापार की धमकी
कैद के दौरान आरोपियों की क्रूरता की सारी हदें पार हो गईं। 29 अगस्त को आरोपियों ने महिला के बेटे को उसकी नानी के घर भेज दिया, लेकिन महिला को वहीं बंधक बनाए रखा। पीड़िता का आरोप है कि उसी दिन आरोपियों ने उसे डंडों से बेरहमी से पीटा, जिसके कारण उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आरोपियों ने जबरन उसके कपड़े उतरवाए और अपने मोबाइल फोन से उसका एक अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
आरोपियों ने धमकी दी कि अगर उसने तुरंत 11 लाख रुपये का इंतजाम नहीं किया, तो इस वीडियो को इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी सुहैल ने उसे पैसे वसूलने के लिए जबरन देह व्यापार (Prostitution) के दलदल में धकेलने की धमकी भी दी थी। इसके अगले दिन, 30 अगस्त को आरोपी महिला को डरा-धमकाकर सिटी मार्केट के पास एक कानूनी दफ्तर ले गए, जहां उसकी संपत्ति या वित्तीय अधिकारों को हथियाने के उद्देश्य से कुछ कोरे और कानूनी दस्तावेजों पर जबरन उसके हस्ताक्षर करवा लिए गए।
पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन और गिरफ्तारी
महिला के अचानक लापता होने के बाद, उसकी मां ने बेंगलुरु के चंद्रा लेआउट थाने में एक गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस की टीमें सक्रियता से महिला की तलाश में जुटी हुई थीं।
31 अगस्त की दोपहर को, जब पीड़िता को कुंबलगोडु के उसी मकान में रखा गया था, तब उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया और वहां छिपे हुए किसी तरह पुलिस को अपनी सटीक लोकेशन और आपबीती की सूचना दे दी। सूचना मिलते ही चंद्रा लेआउट पुलिस की टीम ने बताए गए ठिकाने पर तुरंत छापेमारी की और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई
बेंगलुरु पुलिस ने पीड़िता के विस्तृत बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं जैसे अपहरण (Kidnapping), अवैध रूप से बंधक बनाना (Wrongful Confinement), गंभीर मारपीट, आपराधिक धमकी और आईटी एक्ट की धारा 66(E) (गोपनीयता के उल्लंघन और न्यूड वीडियो बनाने) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नाजथ बेगम, रेशमा बानू और सुहैल को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में शामिल चौथे फरार आरोपी सैफ और अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।


