कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का फ्रीडम पार्क आज एक बड़े देशव्यापी राजनीतिक आंदोलन का केंद्र बन चुका है। वोटर लिस्ट की विशेष गहन समीक्षा (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस महा-आंदोलन में हजारों लोग और युवा सड़कों पर उतरे हैं। इस प्रदर्शन में देश के मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी, दिग्गज अभिनेता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके सहित कई बड़ी हस्तियों ने एक साथ मंच साझा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया के नाम पर देश भर के 13 करोड़ से अधिक वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से दुर्भावनापूर्ण तरीके से हटा दिए हैं, जो सीधे तौर पर नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
चुनाव आयोग में पारदर्शिता शून्य हो चुकी है: ध्रुव राठी
मंच से जनता को संबोधित करते हुए विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे यूट्यूबर ध्रुव राठी ने चुनाव आयोग पर पारदर्शिता की कमी का गंभीर आरोप लगाया। ध्रुव राठी ने अपने भाषण में साफ तौर पर कहा कि वे यहाँ किसी सत्ता परिवर्तन या सरकार को बदलने के उद्देश्य से नहीं आए हैं, बल्कि उनका मकसद चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था के भीतर शून्य हो चुकी पारदर्शिता और जवाबदेही को बहाल कराना है। उन्होंने कहा कि जिस SIR प्रक्रिया के तहत आम जनता के वोट काटे गए हैं, उसे लेकर चुनाव आयोग ने देश को कोई ठोस जवाब नहीं दिया है।
CEC स्वतंत्र नहीं, मोदी-शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं: प्रकाश राज
वहीं अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर बेहद तीखा हमला बोला। प्रकाश राज ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से इस तरह थोक के भाव में नाम गायब करना सिर्फ तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि देश के नागरिकों की गरिमा और उनके मौलिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस त्रुटिपूर्ण SIR प्रक्रिया को तुरंत पूरी तरह रद्द किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी इतिहास में नेहरू से ज्यादा समय तक पद पर बने रहने की महत्वाकांक्षा रखते हैं: अभिजीत दीपके
आंदोलन की अगुवाई कर रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया। अभिजीत दीपके ने मंच से “नरेंद्र मोदी वोट चोर” के नारे लगवाते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इतिहास में जवाहरलाल नेहरू से भी ज्यादा समय तक पद पर बने रहने की महत्वाकांक्षा रखते हैं, लेकिन इसके लिए वे लोकतांत्रिक तरीकों के बजाय वोट चोरी का सहारा ले रहे हैं। दीपके ने नेहरू का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने देश की विषम परिस्थितियों में बिना किसी भेदभाव के पहला आम चुनाव कराया था, जबकि वर्तमान सरकार सिर्फ अपने पक्ष में नतीजे सुनिश्चित करने के लिए उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटवा रही है जो सरकार के खिलाफ हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह संगठन सड़कों पर रहेगा और लोकतंत्र को बचाने की यह जंग जारी रखेगा।
जन-अदालत और चप्पल प्रदर्शन से गूंजा फ्रीडम पार्क
आंदोलन के दौरान सुबह आयोजित हुई ‘जन-अदालत’ (People’s Tribunal) में कर्नाटक के अलग-अलग कोनों से आए कन्नड़ नागरिकों ने मंच पर आकर अपनी आपबीती सुनाई कि कैसे उन्हें बिना किसी नोटिस या सूचना के मतदाता सूची से बेदखल कर दिया गया है। इसके बाद शाम को दिल्ली में महिला प्रदर्शनकारियों व महिला पत्रकारों के साथ हुई पुलिसिया बदसलूकी के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए एक बड़ा ‘चप्पल प्रदर्शन’ (Chappal Protest) भी किया जा रहा है। बेंगलुरु पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्रीडम पार्क और उसके आसपास के रास्तों पर कड़ा पहरा लगा रखा है और कई रूटों का ट्रैफिक भी डायवर्ट किया है, क्योंकि यह आंदोलन अब 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शन की तैयारी का रूप ले चुका है।
