विशेष रिपोर्ट (नई दिल्ली):
भारत में हरित ऊर्जा अभियान के तहत शुरू की गई 20 प्रतिशत एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20 Fuel) की पहल अब वाहन मालिकों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है। देश भर के मैकेनिकों और ऑटो सर्विस सेंटरों से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, एथेनॉल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन और फ्यूल डिलीवरी सिस्टम के कई महत्वपूर्ण हिस्से समय से पहले खराब हो रहे हैं। इस जनहित और तकनीकी समस्या को ध्यान में रखते हुए, अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा पेट्रोलियम मंत्रालय ईंधन गुणवत्ता और स्पेयर पार्ट्स के मानकों को दोबारा तय करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
क्यों आ रही है वाहनों में खराबी? (तकनीकी कारण)
एथेनॉल वातावरण और ईंधन टैंक के भीतर से नमी यानी पानी को तेजी से अवशोषित करता है। जब यह पानी और एथेनॉल मिलकर अलग परत बनाते हैं, तो टैंक के निचले हिस्से में जंग लगने लगती है। अप्रैल 2023 से पहले बनी अधिकांश गाड़ियाँ E5 या E10 पेट्रोल मानकों के अनुसार डिज़ाइन की गई थीं, इसलिए उनके फ्यूल पाइप, रबर सील, ओ-रिंग्स और गास्केट E20 पेट्रोल के संपर्क में आते ही सड़ने या टूटने लगते हैं। नमी और जंग के बारीक कण फ्यूल पंप तथा इंजेक्टर को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे गाड़ी चलते-चलते झटका लेने लगती है या बंद पड़ जाती है।
सरकार और ऑटो इंडस्ट्री की नई रणनीति
बढ़ती शिकायतों के बाद प्रशासनिक और औद्योगिक स्तर पर कड़े फैसले लिए जा रहे हैं। ईंधन की शुद्धता बनाए रखने के लिए एथेनॉल में मौजूद क्लोराइड और अशुद्धियों की सीमा को घटाकर 3 PPM (Parts Per Million) करने के सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि मेटल पार्ट्स में जंग लगने की समस्या खत्म हो सके।
इसके अलावा, पेट्रोल पंपों के अंडरग्राउंड टैंकों में पानी का रिसाव रोकने के लिए दैनिक आधार पर वाटर-इंग्रेस टेस्ट अनिवार्य किया जा रहा है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा पुराने वाहनों के लिए विशेष ‘एथेनॉल-रेसिस्टेंट’ स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई सुनिश्चित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। साथ ही पेट्रोल पंपों पर E10 और E20 के अलग-अलग नोजल की स्पष्ट लेबलिंग लगाने का प्रस्ताव है, ताकि उपभोक्ता अपनी गाड़ी के मॉडल के हिसाब से ईंधन चुन सके।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सुझाव
यदि आपकी गाड़ी 2023 से पुरानी है, तो हर सर्विसिंग के दौरान फ्यूल फ़िल्टर और रबर की होज़ पाइप की जाँच अवश्य कराएँ। एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लंबे समय तक गाड़ी के टैंक में जमा न रहने दें, क्योंकि ज्यादा दिन गाड़ी खड़ी रहने पर नमी सोखने का खतरा बढ़ जाता है। सरकार और SIAM के अनुसार, यदि आपकी गाड़ी E20 कंपैटिबल है, तो एथेनॉल से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए कंपनी वारंटी देने से इंकार नहीं कर सकती।


