FSSAI का बड़ा ऐक्शन: एवरेस्ट और एलजी हींग की बिक्री पर तत्काल रोक; गरम और चिकन मसालों में भी मिली गंभीर गड़बड़ी
नई दिल्ली:
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के दो सबसे बड़े मसाला ब्रांड्स—एवरेस्ट (Everest Food Products) और लालजी गोधू एंड कंपनी (Laljee Godhoo & Co)—की कम्पाउंडेड हींग (Asafoetida) की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। नियामक ने यह कदम देशव्यापी बाजार निगरानी और प्रयोगशाला परीक्षणों में इन उत्पादों के घटिया और भ्रामक लेबलिंग वाले पाए जाने के बाद उठाया है।
इसके साथ ही, रेगुलेटर ने एवरेस्ट के तीन बेहद लोकप्रिय घरेलू मसालों—गरम मसाला, चिकन मसाला और एग करी पाउडर—में भी गंभीर विनियामक उल्लंघन और मानकों की अनदेखी पकड़ी है।
हींग पर प्रतिबंध की मुख्य वजहें
लैब टेस्ट की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दोनों ही ब्रांड्स की हींग शुद्धता के तय विधिक पैमानों पर खरी नहीं उतरीं:
- एवरेस्ट हींग में अर्क की कमी: नियमों के अनुसार, बाजार में बिकने वाली कम्पाउंडेड हींग में न्यूनतम 5% अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट (असली हींग का तत्व) होना अनिवार्य है। हालांकि, जांच में एवरेस्ट हींग पाउडर के एक सैंपल में यह मात्रा 0% पाई गई, जबकि येलो हींग में 3.29% और ब्लैक हींग में महज 4.4% दर्ज की गई।
- एलजी (Laljee Godhoo) हींग में अत्यधिक स्टार्च: लालजी गोधू ब्रांड की हींग की छह अलग-अलग किस्मों के परीक्षण में स्टार्च (मिलावटी तत्व) की मात्रा 15% से 32% तक पाई गई, जबकि कानूनन इसकी अधिकतम सीमा केवल 1% निर्धारित है।
गरम, चिकन और एग करी मसालों में छिपाई गई जानकारी
FSSAI द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, एवरेस्ट के रोजमर्रा के किचन मसालों में भी उपभोक्ताओं से महत्वपूर्ण सामग्रियां छिपाई जा रही थीं:
- 5% से अधिक नमक की मौजूदगी: एवरेस्ट गरम मसाला, चिकन मसाला और एग करी पाउडर के नमूनों में नमक की मात्रा 5% से अधिक पाई गई। विनियामक नियमों के तहत इतनी अधिक मात्रा होने पर पैकेट के मुख्य भाग पर इसकी घोषणा (Declaration) करना अनिवार्य है, जिसे कंपनी ने पूरी तरह छिपा लिया था।
- अधूरी लेबलिंग: इन पैकेटों पर मसालों के वास्तविक अनुपात (Spice Content) की स्पष्ट और सटीक जानकारी भी नहीं दी गई थी। (नोट: इन तीन मसालों पर बिक्री प्रतिबंध नहीं है, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर कड़ा नोटिस जारी किया गया है)।
नियामक का आदेश और कंपनियों को निर्देश
इस बड़ी कार्रवाई के बाद FSSAI ने दोनों दिग्गज कंपनियों को कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस जारी कर सख्त कदम उठाने को कहा है:
- बाजार से स्टॉक की वापसी: कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे बाजार, सुपरमार्केट और दुकानों में सप्लाई हो चुके इस घटिया हींग के पूरे स्टॉक को स्वैच्छिक रूप से वापस (Voluntary Recall) मंगाएं।
- सुधार योजना अनिवार्य: दोनों कंपनियों को एक विस्तृत एक्शन प्लान (Action Plan) सौंपना होगा, जिसमें उन्हें यह साबित करना होगा कि वे भविष्य में फूड सेफ्टी मानकों का पूरी तरह पालन कैसे करेंगी।
FSSAI ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक कंपनियां संतोषजनक जवाब और सुधार रिपोर्ट पेश नहीं करतीं, तब तक हींग की बिक्री पर रोक का यह आदेश जारी रहेगा। यदि सुधार नहीं किया गया, तो फूड लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
